मोदी का कांग्रेस पर निशाना, बेटी ने 500 तो दामाद ने बनाएं 1000 करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व की यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर विदेश की धरती से गांधी परिवार पर तीखा हमला किया है।
अमेरिका के सैन जोस में भारतीय मूल के हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि नेताओं, उनके परिवार और बेटी-दामाद पर हजारों करोड़ रुपये बनाने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार पर अभी तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है।
कथित तौर पर हरियाणा और राजस्थान में जमीन खरीद में धांधली का आरोप झेल रहे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि हमारे देश में राजनेताओं के खिलाफ आरोप सामने आने में ज्यादा समय नहीं लगता... किसी ने 50 करोड़ बनाए, किसी के बेटे ने 250 करोड़ बनाए, किसी की बेटी ने 500 करोड़ तो किसी के दामाद ने 1000 करोड़ बनाए।
उन्होंने कहा कि किसी के भाई-भतीजे को ठेका मिला, तो किसी को फ्लैट मिलने का इतिहास रहा है। दामाद शब्द के इस्तेमाल के बाद थोड़ा विराम लेते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है।
इस पर दर्शकों ने खूब ताली बजाई। उन्होंने भीड़ से मुखातिब होते हुए कहा, ‘मैं आप लोगों के सामने खड़ा हूं। क्या मेरे खिलाफ कोई आरोप है...’ इस पर भीड़ ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।
अपने पूर्व के बयानों को लेकर विवाद से बेपरवाह पीएम ने उत्साहित भीड़ के सामने कहा कि वह उन्हें आश्वस्त करना चाहते हैं कि वह देश के लिए जिएंगे और देश के लिए ही मरेंगे।
उन्होंने कहा कि वह जीवन का हर क्षण देश की सेवा में लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 16 महीने की सरकार के बाद वह आपसे सर्टिफिकेट चाहते हैं। उन्होंने पूछा कि आप बताइए कि मैंने जो वादे किए थे उसे पूरा किया या नहीं।
'ब्रेन ड्रेन, ब्रेन डिपॉजिट है'
प्रधानमंत्री ने देश से प्रतिभा पलायन यानी ब्रेन ड्रेन को लेकर अब तक व्यक्त की जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि यह सही मायने में ब्रेन डिपॉजिट यानी प्रतिभा संचय है।
उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है जब भारतीय दुनिया को अपनी ताकत दिखाएं। ब्रेन ड्रेन, ब्रेन गेन बन सकता है.. सही मायने में यह ब्रेन डिपॉजिट है जो उचित समय पर अपनी मातृभूमि की सेवा करेगा।
आतंकवाद पर सुनाई खरी-खरी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आतंकवाद के मसले पर संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पिछले 70 सालों में आतंकवाद को पारिभाषित करने में विफल रहा है।
अगर दुनिया की पंचायत महज परिभाषा तय करने में इतना समय लगाएगी तो इस समस्या से निपटने में कितना समय लगेगा। उन्होंने कहा कि भारत 40 सालों से आतंकवाद की पीड़ा झेल रहा है लेकिन पश्चिमी देश तभी इस दर्द के समझ सके जब उनके यहां बम विस्फोट और आतंकी हमले हुए।
पहले भी पीएम के बयान पर हो चुका है बवाल
इससे पहले भी देश से बाहर विवादित बयान देने को लेकर विपक्ष मोदी की आलोचना कर चुका है। इस साल अप्रैल में जर्मनी की यात्रा के दौरान पीएम ने कहा था कि भारत पहले भीख मांगता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इस बयान को लेकर कांग्रेस और कुछ अन्य दलों ने उनकी तीखी आलोचना की थी।
इसके बाद कनाडा यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि उनके पीएम बनने से पहले भारत ‘स्कैम इंडिया’ था और उन्हें गंदगी और भ्रष्टाचार विरासत में मिला है।
मई में चीन यात्रा के दौरान पीएम ने कहा था एक समय भारत में जन्म लेने को लोग अपना दुर्भाग्य मानते थे और शर्मिंदा होते थे। पिछले माह संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के दौरान ने उन्होंने कहा था कि उन्हें कुछ समस्याएं विरासत में मिली हैं.. कुछ चीजें पिछली सरकार की हिचकिचाहट और आलस के कारण रुकी पड़ी थीं... उनकी प्राथमिकता इन चीजों को बाहर करना है।