मोदी बोले, 21वीं सदी एशिया की, भारत में निवेश की संभावनाएं
मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित 27वें आशियान सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत में निवेश करने के लिए दुनिया के तमाम देशों का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह सदी एशिया के लिए है और भारत में निवेश का यह सबसे सुनहरा अवसर है।
अपने चार दिनों की यात्रा के दौरान मोदी इस वक्त मलेशिया और सिंगापुर के दौरे पर हैं। इस दौरान आशियान देशों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आशियान के सभी देशों ने एशिया के विकास में अपना अहम योगदान दिया है। 21वीं सदी में सब एशिया की ओर देख रहे हैं और हम जानते हैं कि अब समय भारत की बारी है।
मोदी ने कहा कि हमने भारत में काम करने के नियमों को और पारदर्शी बनाया है और मैं सभी को वहां आकर यह देखने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम सभी निवेशकों की बौद्धिक संपदाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने कृषि, मकान, परिवहन, वित्तीय समावेश और निवेश के क्षेत्रों को और ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
'अब भारत की बारी'
मोदी ने बताया कि हमने पिछले 65 साल की परंपराओं को तोड़ते हुए हमारे राज्यों को देश की विदेश नीती में सम्मिलित किया है। इससे राज्यों के साथ साथ देश को भी फायदा मिलेगा।
इस दौरान उन्होंने चीनी प्रिमियर ली केकियांग से भी मुलाकात की और विभिन्न मुद्दो पर उनसे बात की। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत समेत दुनिया के 18 सदस्य देश आए थे जिनमें अमेरिका, चीन, जापान, फिलिपींस, दक्षिण कोरिया जैसे देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान मोदी ने आतंकवाद से लड़ने के लिए भी आशियान देशों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है और अब समय आ गया है कि सभी देश एक साथ मिलकर इसका मुकाबला करे। गौरतलब है कि शनिवार को ही संयुक्त राष्ट्र के सभी देशों ने एक सुर में आतंकवाद के खात्मे पर अपना समर्थन दिया।