दिल्ली में हार के बाद मोदी-शाह की नई रणनीति
भाजपा आलाकमान दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के गम को कम करने में जुट गया है। इस प्रयास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर में जल्द से जल्द भाजपा और पीडीपी की सरकार बनते देखना चाहते हैं।
उन्होंने सरकार गठन की कोशिशों में जुटे नेताओं को इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में सोमवार से दोनों दलों के बीच बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। माना जा रहा है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम की सारी बातें लगभग तय हो गई हैं लेकिन दोनों ही दल औपचारिक ऐलान से पहले हर पहलू को भलीभांति समझ लेना चाहते हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पहली बार राजधानी पहुंचे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मेलमिलाप के जरिए नेताओं का मन भी टटोलना शुरू कर दिया है। उन्होंने शनिवार दोपहर भोज के बहाने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की।
संघ को सामने भाजपा को देनी होगी हार पर सफाई
रविवार को होने वाली संघ-भाजपा समन्वय बैठक से पहले हुई इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। भाजपा आलाकमान को दिल्ली की हार पर जहां संघ के सामने अपना पक्ष रखना है तो जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन के लिए धारा 370 को छोड़ने और अफस्पा कानून में नरमी के मामले पर भी संघ को विश्वास में लेना पडे़गा।
सूत्रों के अनुसार, शाह ने जेटली के साथ जम्मू-कश्मीर के अलावा दिल्ली चुनाव के परिणाम के बाद की परिस्थितियों पर चर्चा की है। जेटली दोनों ही राज्यों की राजनीति से जुड़े हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के सूत्रधार माने जा रहे पार्टी महासचिव राम माधव ने भी शाह से मुलाकात कर सूबे में सरकार गठन के प्रयासों से अवगत कराया। वहीं संगठन महामंत्री रामलाल ने भी शाह से मुलाकात कर राजधानी में हार के बाद दिल्ली में चल रही सियासी हलचलों से अवगत कराया है।