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मंत्रिमंडल की बैठक में नए मंत्रियों से क्या बोले मोदी?

Mon, 10 Nov 2014 11:33 PM IST
Updated Mon, 10 Nov 2014 11:33 PM IST
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PM Modi advise Cabinet ministers in meeting.

विदेश यात्रा पर जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद के नेताओं को ईमानदारी और सुशासन का पाठ पढ़ाया है। विवादों से दूरी बरतने की नसीहत देते हुए पीएम मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे नई सोच के साथ भाजपा के चुनावी घोषणापत्र को पूरा करने में जुटें।

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मंत्रिमंडल विस्तार के अगले दिन परिचय के लिए आयोजित मंत्रिपरिषद सदस्यों की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने मंत्रियों से आचरण को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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मंत्रियों से सरकार की छवि का विशेष ख्याल रखने की हिदायत देते हुए मोदी ने मंत्रिमंडल में शामिल नए नेताओं खासतौर से राज्य मंत्रियों से कहा है कि वे विवाद के मामलों को अपने वरिष्ठ मंत्री के साथ बैठक कर हल करें। वहीं कैबिनेट मंत्रियों को कहा है कि वे कनिष्ठ मंत्रियों को साथ लेकर चलें।
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पीएम ने राज्य मंत्रियों से कहा है कि सीनियर मंत्री के साथ मसले का समाधान न होने पर वे पीएमओ से भी संपर्क कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने मीडिया में सरकार की खबरें लीक होने पर अपनी नाराजगी भी जताई है।

स्वच्छता अभियान के प्रति महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के रुख का उदाहरण पेश करते हुए मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा है कि वे सचिन का अनुसरण करें। वैसे दो घंटे तक चले इस परिचय समारोह में प्रधानमंत्री ने करीब आधे घंटे का अपना संबोधन दिया।

'ईमानदारी बरतें, विवादों से रहें दूर'

PM Modi advise Cabinet ministers in meeting.

मालूम हो कि विस्तार के बाद मंत्रिमंडल कि संख्या लंबी चौड़ी पहुंच जाने के बाद पीएम को भी इस बात का अहसास हो गया है कि इतने बड़े तादाद के मंत्रियों पर नकेल रखना उनके लिए भी आसान नहीं रह पाएगा।

भविष्य के खतरों को भांपते हुए मोदी ने शुरू से ही मंत्रियों की लगाम कसनी शुरू कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से अनुशासन बरतने के साथ नैतिकता पर जोर देने को कहा है। पीएम ने मंत्रिपरिषद के उपस्थित सदस्यों से आग्रह किया कि वे सरकार के प्रयास को जनता तक पहुंचाएं।

उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में लीन हो जाएं। मोदी ने मंत्रियों के विदेश दौरे पर रोक के अपने आदेश को फिर से दोहराया है।

इस बीच मंत्रियों के विभाग बंटवारे की सूची रविवार देर रात जारी होने के पीछे यह चर्चा है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट के कामकाज का हवाला देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार लेने को तैयार नहीं थे। लेकिन पीएम मोदी के मनाने के बाद ही उन्होंने इस मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार लेना मंजूर किया है।

बताया जा रहा है कि वित्त के साथ जेटली की पसंद अतिरिक्त प्रभार के लिए न्याय एवं कानून विभाग का महकमा था। हालांकि पीएम ने सदानंद गौड़ा सरीखे सरल व्यक्ति को न्याय एवं कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी देकर इस विभाग में भी जेटली की राह आसान रखी है।

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