बारामती में किसानों की भाषा में बोले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के बारामती में किसानों को संबोधित किया और बेहतर कृषि के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की जाने योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
पीएम मोदी ने बारारमती में सब्जी उत्पादन केंद्र का शिलान्यास किया। कृषि में तकनीकी कमी और समस्याओं को लेकर भी उन्होंने किसानों को कई सुझाव दिए।
इससे पहले उन्होंने ने कहा कि लोकतंत्र की दो पटरियां होती हैं। एक- विवाद और दूसरी- संवाद। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकार के कामों को लेकर विवाद करने में विश्वास करते हैं तो कुद संवाद के जरिए विकास का रास्ता निकालने में भरोसा रखते हैं।
गौरतलब है कि पीएम मोदी को आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अपने शपथ गृहण समारोह में बुलाया था लेकिन उनका महाराष्ट्र में पहले से कार्यक्रम तय होने के चलते वह केजरीवाल के शपथ गृहण समारोह में नहीं शरीक हो सके।
कृषि क्षेत्र क्या सुधार करेगी सरकार?
बारामती में किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें कृषि का आधुनिकीकरण करना है और उसे तकनीकी जोड़ना है। उन्होंने कहा कि किसान अपना खून-पसीना बहाते हैं लेकिन अभी तक उनके सपने साकार नहीं हो पाए, उनकी ऊर्जा को एक अवसर देने की जरूरत है।
मोदी ने कहा कि कृषि उत्पादकता बढ़ाना जरूरी है है लेकिन कृषि को विज्ञान के साथ ही अपनी पारंपरिक तरीकों से भी जोड़ने की जरूरत है।
मोदी ने मराठी में 'जहां गति हैं वहां प्रगति है' का नारा भी दिया है। उन्होंने आगे कहा स्किल डेवलपमेंट स्कूली स्तर से जरूरी है। साथ ही उन्होंने वर्तमान सिंचाई व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए ऐसी तकनीक अपनाने का जोर दिया जिससे कम से कम पानी बर्बाद हो।
उन्होंने सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की भी जानकारी दी। हालांकि उनके इस संबोधन किसी प्रकार की नई घोषणा नहीं हुई।