परिकर का मंत्री बनना तय, मोदी टीम में और कौन-कौन?
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मोदी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार रविवार को होना तय माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार की पुष्टि कर दी है।
इस बीच प्रधानमंत्री ने सहयोगी दलों शिवसेना और टीडीपी से शुक्रवार तक नाम भेजने का अनुरोध किया है। शिवसेना ने सांसद अनिल देसाई का नाम सुझाया है, जबकि टीडीपी ने शुक्रवार को नाम भेजने की बात कही है।
इस बीच बीते बुधवार को प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री अरुण जेटली और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से अलग अलग मुलाकात करने वाले गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर केंद्रीय राजनीति में पहली पारी खेलने के लिए तैयार हो जाने का संकेत दिया है। उन्हें रक्षा मंत्री बनाए जाने की चर्चा है और पारिकर ने गोवा में यह कहकर तस्वीर साफ कर दी है कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
अब परिकर की जगह गोवा के मुख्यमंत्री पद की रेस में राज्य विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र आर्लेकर और लक्ष्मीकांत पारसेकर का नाम सबसे आगे है। मोदी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की भी खास नजर है और इस बारे में संघ-भाजपा के बीच समन्वयक की भूमिका निभा रहे कृष्ण गोपाल संघ प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के लिए नागपुर पहुंच चुके हैं।
परिकर शुरू करेंगे केंद्रीय राजनीति की पारी
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में करीब दर्जन भर नए चेहरों को जगह देंगे। मंत्री पद के लिए जिन नामों की चर्चा है उनमें मुख्तार अब्बास नकवी, जयंत सिन्हा, चौधरी बीरेंद्र सिंह, चंदूलाल साहू शामिल हैं।
विस्तार में झारखंड, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने की संभावना है। माना जा रहा है मोदी अपनी टीम में संगठन में शामिल नेताओं को भी जगह दे सकते हैं।
इसके अलावा कई विभागों का जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों को बोझ हल्का किए जाने, तीन स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्रियों को बतौर कैबिनेट मंत्री तरक्की देने और दो मंत्रियों के विभाग बदले जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार संबंधी चर्चाओं की पुष्टि कर दी है। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति भवन में रविवार को शाम पांच बजे करीब दर्जन भर सांसद मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने सहयोगी दलों से मांगे नाम
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आगामी 7 और 8 नवंबर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बिताएंगे। यही कारण है कि उन्होंने बृहस्पतिवार को ही राष्ट्रपति से मुलाकात की है। राष्ट्रपति से मिलने के तत्काल बाद प्रधानमंत्री ने सहयोगी दलों से नाम भी मांगे।
शिवसेना ने जहां प्रधानमंत्री को सांसद अनिल देसाई का नाम सुझाया है, वहीं टीडीपी ने शुक्रवार को नाम भेजने की बात कही है। इस बीच परिकर ने केंद्र में नई पारी खेलने के लिए तैयार रहने का संकेत दिया है। हालांकि उन्होंने इस मसले पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा कि वह इस मामले में प्रधानमंत्री के आदेश को मानेंगे।
मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में सूत्रों का कहना है कि इसमें करीब दर्जन भर नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। कई मंत्रालय संभाल रहे अरुण जेटली, नितिन गडकरी और रविशंकर प्रसाद का जहां बोझ हल्का किया जाएगा, वहीं स्वतंत्र प्रभार वाले तीन राज्य मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, प्रकाश जावड़ेकर और निर्मला सीतारमण को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक विस्तार में दो मंत्रियों के विभाग बदले जाने की भी संभावना है।
आर्लेकर-पारसेकर सीएम पद की दौर में
गोवा केमुख्यमंत्री परिकर के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना तय हो जाने के बाद उनके उत्तराधिकार पर भी चर्चा शुरू हो गई है। इस पद की दौड़ में विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र आर्लेकर और गोवा के स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर हैं।
हालांकि इस दौड़ में केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद नाईक का नाम है। मगर माना जा रहा है कि मनोहर पारिकर मुख्यमंत्री के रुप में नाइक का रास्ता रोकना चाहते हैं। इसीलिए वे अपने करीबी के साथ संघ के भी निकट माने जाने वाले आर्लेकर और पारसेकर में से किसी को अपना उत्तराधिकारी बनाने के पक्ष में हैं।