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पीएम बताएंगे, देश के लिए क्यों जरूरी है रिटेल में FDI

Fri, 21 Sep 2012 11:08 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 21 Sep 2012 11:08 AM IST
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pm may address nation today to explain fdi
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत-अमेरिका परमाणु करार की तरह रिटेल में एफडीआई को भी अपनी और सरकार की साख का सवाल बना लिया है। पूरे देश में चल रहे सियासी विरोध की लहर के बीच सिंह शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। वहीं तृणमूल के सभी छह मंत्री शुक्रवार दोपहर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
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पीएम के संबोधन पर रहेगी नजर
रिटेल के मसले पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापसी के ऐलान और विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच प्रधानमंत्री यह बताने की कोशिश करेंगे कि क्यों एफडीआई देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने 2008 में भी इसी तर्ज पर राष्ट्र के नाम संदेश देकर परमाणु संधि के फायदे गिनाए थे। उस वक्त लेफ्ट ने यूपीए-1 से समर्थन वापस ले लिया था। अब यूपीए-2 में वही हालात सामने है जब एफडीआई के मसले पर यूपीए की सबसे बड़ी सहयोगी ममता बनर्जी ने सरकार का साथ छोड़ दिया है।
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रोजगार पर कुल्हाड़ी नहीं चलेगी
सूत्रों के मुताबिक मनमोहन सिंह अपने भाषण में लोगों को भरोसा दिलाएंगे कि रिटेल में एफडीआई से छोटे व्यापारियों और किसानों के रोजगार पर कुल्हाड़ी नहीं चलेगी। भाषण में यह दलील भी दी जाएगी कि दुनिया के किसी देश में रिटेल में एफडीआई से रोजगार कम नहीं हुए बल्कि बढ़े हैं। साथ ही अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिला।
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कड़े फैसले नहीं लेने से निवेश में गिरावट
प्रधानमंत्री अपने भाषण में यह भी बताएंगे कि गठबंधन के चलते कड़े आर्थिक फैसले नहीं लेने की वजह से पूंजी निवेश में गिरावट आई है। इसकी वजह से सोशल सेक्टर में भी पैसा नहीं पहुंच पा रहा है।


वहीं यूपीए सरकार से समर्थन वापसी की चिट्ठी भी तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को देगी। यह चिट्ठी लेकर शुक्रवार को तृणमूल के मंत्री दिल्ली पहुंचेंगे। रेल मंत्री मुकुल राय ने इस्तीफा सौंपने के लिए प्रधानमंत्री से मिलने का वक्त भी मांगा है। ममता ने कोलकाता में कहा कि सरकार से समर्थन वापसी का फैसला पहले ही किया जा चुका है।
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