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'हमें खाली गिलास मिला था, भरने में वक्त लगेगा'

Wed, 22 May 2013 11:07 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी Updated Wed, 22 May 2013 11:07 PM IST
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pm manmohan singh released report card of upa-2 govt

विवादों और घोटालों को लेकर निराशा के माहौल के बीच यूपीए सरकार ने बुधवार को अपनी उपलब्धियों की एक खुशनुमा तस्वीर पेश करने की कोशिश की।

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूपीए-2 सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए कहा कि हम जब सत्ता में आए तो हमें खाली गिलास मिला था, उसे भरने में वक्त लगेगा।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले नौ साल में उनकी सरकार ने तमाम बेहतरीन काम किए। सरकार के प्रयासों के चलते आज शहरों-गांवों में लोगों का जीवन पहले से बहुत बेहतर हुआ है।
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आम लोगों का विश्वास कायम

यूपीए सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में मनमोहन ने निराशा को दरकिनार करते हुए उनकी सरकार से जनता के मोहभंग की धारणा को भी नकार दिया।

मनमोहन ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने तथा आम आदमी को विकास की प्रक्रिया से जोड़ने की उपलब्धियों के बलबूते यूपीए अगले वर्ष देशवासियों से जनादेश हासिल करेगा।

यूपीए-2 सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर मनमोहन और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक रिपोर्ट कार्ड भी जारी किया, जिसमें सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाई गईं।

टूजी और कोयला घोटाले जैसे मामलों को लेकर मनमोहन ने कहा कि इनकी जांच चल रही है तथा दोषियों को कठघरे में खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी प्रशासन देने के लिए कृत संकल्प है।

सरकार की चार उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की चार उपलब्धियां गिनाईं। पहला, अर्थव्यवस्था में सुधार। दूसरा, विकास प्रक्रिया में आम आदमी को शामिल करना, तीसरा बेहतर प्रशासन और कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करना तथा चौथा बदलती हुई दुनिया में अन्य देशों से अच्छे संबंध कायम करना।

आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की सुस्त रफ्तार को तेज किया गया है तथा अर्थव्यवस्था फिर पटरी पर आ गई है। जिसके कारण आज महंगाई को काबू में है। वित्तीय घाटे पर अंकुश लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कि गांवों में प्रतिवर्ष खपत में वृद्धि हुई है तथा ग्रामीणों की आय में बढ़ोतरी हुई है। सोनिया और यूपीए गठबंधन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के साथ सबको जोड़ने की सरकारी नीति के कारण आमदनी और उपभोग में आम आदमी की शिरकत बढ़ी है।

स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को भी सर्वसुलभ बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक लाने और खाद्य सब्सिडी तीन गुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री के आवास पर आयोजित समारोह में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, तमाम कैबिनेट मंत्री समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।

पौने पांच करोड़ परिवारों तक पहुंची मनरेगा
गरीब ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए यूपीए-1 में शुरू की गई महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) योजना की पहुंच अब 4.80 करोड़ परिवारों तक हो चुकी है।

प्रधानमंत्री ने यूपीए-2 का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि मनरेगा से गरीब ग्रामीण परिवारों को साल में सौ दिन का रोजगार मिलने से न सिर्फ उनकी आर्थिक बदहाली दूर हुई है बल्कि रोजगार के लिए शहरों मे जाकर मजदूरी करने की विवशता में भी कमी आयी है।

रिपोर्ट कार्ड में केंद्र सरकार ने दावा किया है कि छह वर्षों के दौरान मनरेगा की मजदूरी दर में लगभग सौ फीसदी का इजाफा हो चुका है। वर्ष 2006-07 में मनरेगा की दैनिक मजदूरी दर औसत 65 रुपये थी, जो वर्ष 2012-13 में बढ़कर औसतन 128 रुपये दैनिक तक पहुंच गयी है।

सरकार का कहना है कि मनरेगा की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2011-12 में जहां जॉब कार्डों की संख्या जहां 12.50 करोड़ थी। वह वर्ष 2012-13 में बढ़कर 12.70 करोड़ तक पहुंच गई है।

केंद्र के मुताबिक आमतौर पर मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में सौ दिन का रोजगार दिया जा रहा है। लेकिन जो क्षेत्र सूखे की चपेट में आते हैं, वहां पर मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जा रहा है।


जश्न का सही वक्त: सोनिया
सरकार के 4 साल पूरे होने के अवसर पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि इस समय जश्न का सही वक्त है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता हमारे काम को पहचानेगी।

विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देशहित में काम करना चाहती है, लेकिन विपक्ष अपनी भूमिका सही ढ़ंग से नहीं निभाता। सोनिया ने कहा कि कई अहम बिल विपक्ष के विरोध के चलते लटके हुए हैं। विपक्ष को इन बिलों को पास करने में सरकार का सहयोग करना चाहिए।

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