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पीएम की ट्रेड यूनियनों से हड़ताल पर न जाने की अपील

Mon, 18 Feb 2013 07:38 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 18 Feb 2013 07:38 AM IST
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pm appeal to trade unions to call off strike rejected

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से अपनी प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल को वापस लेने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि हड़ताल से जहां एक ओर अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा, वहीं दूसरी ओर लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने ट्रेड यूनियनों को वार्ता का प्रस्ताव भी दिया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 20 फरवरी से दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है।

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मूल्य वृद्धि और लेबर कानूनों के उल्लंघन पर केंद्र सरकार की निष्क्रियता के विरोध में 11 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और वर्कर्स फेडरेशन ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने रविवार को एक संदेश में कहा कि मैं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल को वापस लिए जाने की अपील करता हूं। इस तरह की हड़ताल से हमारी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान होगा और सेवाओं के बाधित होने से जनता को असुविधा भी होगी।
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सिंह ने अपने संदेश में कहा कि ट्रेड यूनियनों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों पर पहले से ही काम हो रहा है और अन्य मसलों पर चर्चा कई स्तरों पर चल रही है। ट्रेड यूनियनों से अपनी हड़ताल को वापस लेने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों एके एंटनी, शरद पवार, पी. चिदंबरम और श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खडगे से उनसे बातचीत करने का अनुरोध किया है।
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उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि बातचीत के जरिए सरकार और ट्रेड यूनियनों दोनों को स्वीकार्य कोई नतीजा अवश्य निकलेगा। एआईटीयूसी महासचिव गुरूदास दासगुप्ता ने शनिवार को कहा था कि यह पहली बार है जब दो दिवसीय हड़ताल के लिए सभी ट्रेड यूनियन एक साथ आई हैं क्योंकि बढ़ती महंगाई की समस्या, पब्लिक सेक्टर यूनिटों में विनिवेश और श्रम कानूनों के लागू नहीं होने पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

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