जलीकट्टू पर प्रतिबंध को लेकर दाखिल पुनर्विचार याचिका खारिज
तमिलनाडु और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में होने वाले जलीकट्टू (सांड़ को वश में करने का खेल) और बैलगाड़ी रेस पर प्रतिबंध लगाने संबंधी 2014 के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने किसी तरह का फेरबदल करने से इनकार किया है।
इस आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका को शीर्ष अदालत ने बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति वी गोपालगौड़ा और न्यायमूर्ति पीसी घोष की पीठ ने स्पष्ट किया कि पूर्व आदेश में फेरबदल का कोई कारण नहीं बनता।
समान बर्ताव पशुओं के लिए भी
इससे पहले अपने आदेश में शीर्ष अदालत ने कहा था कि इज्जत से जीने का अधिकार
व समान बर्ताव न केवल मनुष्यों तक सीमित है बल्कि पशुओं के लिए भी है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि जलीकट्टू या इस तरह के अन्य खेलों से
पशुओं को पीड़ा होती है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने बीते सात जनवरी को
अधिसूचना जारी कर जलीकट्टू और बैलगाड़ी रेस को एक बार फिर से इजाजत दे दी
थी।
हालांकि इस अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने का
निर्णय लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा रखी है।