जासूसी मामले में प्रधानमंत्री मोदी को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के निलंबित अधिकारी प्रदीप शर्मा के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जांच गुजरात पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने से इनकार कर दिया। प्रदीप शर्मा ने गुजरात सरकार पर उनके प्रति दुराग्रह रखने का आरोप लगाया था।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली बेंच ने जासूसी कांड विवाद में उनकी और एक महिला की निगरानी कराने के मामले में राज्य सरकार के खिलाफ जांच कराने का प्रदीप शर्मा का अनुरोध भी ठुकरा दिया।
बेंच ने कहा कि हमारी राय है कि आपराधिक मामलों को सीबीआई को स्थानांतरित करने का मामला नहीं बन सका है। हमने याचिका खारिज कर दी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हमारी सुविचारित राय है कि दूसरी याचिका (जिसमें जासूसी का मसला उठाया गया है) भी खारिज की जानी चाहिए।
आईएएस पर चल रहे हैं आपराधिक मामले
न्यायालय ने आपराधिक मामले सीबीआई को स्थानांतरित करने के लिये दायर याचिका खारिज करते हुये स्पष्ट किया कि वह इन मामलों के गुण दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रहा है।
आईएएस अधिकारी के खिलाफ राजकोट इलाके में 2008 से भूमि घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर दर्ज मामले सहित पांच आपराधिक मामले चल रहे हैं। यह अधिकारी चाहता था कि उनके मामलों को सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया जाए।