सावधान! चीन से आ रहे हैं प्लास्टिक के चावल, कहीं आप तो नहीं खा रहे
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खाने के सामान में हो रही मिलावट की खबरों के बीच चीन से प्लास्टिक वाले चावल के आने का मामला प्रकाश में आया है। दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि भारत के व्यापारी असली चावल में इसे मिलाकर बेच रहे हैं।
यही नहीं बाजार में हींग भी नकली बेची जा रही है तो आम को कैल्शियम कार्बाइड से पकाया जा रहा है। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए 20 जुलाई का दिन तय कर दिया है।
दरअसल फल और सब्जियों में रसायन के मामले में सुनवाई पहले से तय थी। याची सुग्रीव दुबे ने नया आवेदन दायर कर खंडपीठ का ध्यान चीन से आयातित प्लास्टिक चावल की ओर दिलाया।
गुणवत्ता जांच का कोई प्रबंध नहीं
उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से यह धंधा चल रहा है। आम लोग प्लास्टिक वाले
चावल व असली चावल के अंतर को पहचान नहीं सकते। यह दिखने में तो असली जैसा
है मगर पचता नहीं और इससे गैस की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है।
दुबे का
कहना है कि चावल का आयात कई देशों से होता है मगर उसकी गुणवत्ता की जांच के
लिए कोई प्रबंध नहीं है। जांच के लिए कोई सैंपल नहीं लिया जाता।
हींग भी
नकली मिल रही है और ट्रक में आम भरने के दौरान ही उसमें कैल्शियम कार्बाइड
रख दिया जाता है। पचास ग्राम कार्बाइड 100 किलो आम के लिए काफी होता है।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सरकार को थोक दुकानदारों के जहां छापे मार
कर सैंपल लेने का निर्देश दिया जाए।