भारतीय सीमा में चीनी पनडुब्बी घुसने का अंदेशा, एजेंसियां अलर्ट
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भारतीय समुद्री सीमा में कुछ दिन पहले एक अज्ञात पोत देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए। यह पोत अंडमान निकोबार द्वीप की सीमा में देखा गया था जो एक चीनी पनडुब्बी थी।
भारतीय रडार पर इस पनडुब्बी के आने के बाद दिल्ली से कमांड जारी कर अंडमान निकोबार कमांड (एएनसी) को इसकी जांच के आदेश भी दिए गए लेकिन एएनसी पहले से ही इसकी निगरानी में लगा हुआ था। एएनसी के मुताबिक यह पिपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (प्लान) की पनडुब्बी थी जो भारतीय सीमा के आस-पास मौजूद थी।
इस पनडुब्बी की सूचना मिलने के बाद नौसेना अधिकारियों ने इस बात की आशंका भी जाहिर की कि इसके अलावा कई अन्य पनडुब्बी एएनसी के एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी (एओसी) में छिपी हो सकती हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एएनसी के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल पीके चटर्जी ने बताया, 'हम चीनी पोत के गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं है कोई चीनी पोत द्वीप के आस पास दिखाई दिया हो। हमारी संभावित सीमा में कई देशों की नेवी की गतिविधियां होती रहती हैं। इनमें पानी के ऊपर और नीचे चलने वाले पोत शामिल हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।'
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से अंडमान सीमा क्षेत्र का बेहतर विकास किया गया है। हाल ही में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी अंडमान निकोबार कमांड को पूर्व में नेवी की अग्रणी कमांड बताया था।
वाइस एडमिरल चटर्जी ने बताया कि अगले पांच साल में कहानी कुछ और होगी। पिछले 12 महीनों में कई विकास के कार्य किए गए हैं। सैन्य और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर काफी जो दिया जा रहा है। एएनसी के पास अभी आईएनएस कार्मुक और पी8आई जैसे हथियारों की सुविधाएं है जो सीमा की सुरक्षा करने में सक्षम है।