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अब सुप्रीम कोर्ट लौटाएगी दुर्गा की 'शक्ति'!

Wed, 07 Aug 2013 12:45 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 07 Aug 2013 12:45 AM IST
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pil in supreme court against suspension of durga shakti

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को याचिका दायर की गई है।

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याचिका के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अवैध रूप से बन रही इबादतगाह की दीवार को ढहाया और ऐसे में उनका निलंबन अदालत की अवमानना है।
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नागपाल के निलंबन का आदेश देने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के अफसरों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू किए जाने का सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया है।
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अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा की ओर से दायर याचिका में निलंबित अधिकारी के खिलाफ सारी कार्यवाही निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। शर्मा ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाया है।

याचिका के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2010 बैच की 28 वर्षीय अधिकारी के खिलाफ की गयी कार्रवाई मनमानी, दुर्भावनापूर्ण और असंवैधानिक है।

गौतमबुद्ध नगर में एसडीएम पद पर तैनात दुर्गा शक्ति नागपाल ने जिले में रेत माफिया के खिलाफ अभियान चला रखा था।

उसे 27 जुलाई को नोएडा के एक गांव में निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर ही गिराने का आदेश देने के कारण निलंबित कर दिया गया।


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उत्तर प्रदेश सरकार ने चार अगस्त को दुर्गा शक्ति नागपाल के खिलाफ चार्जशीट केंद्र सरकार को भेज दी। नागपाल को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।

निलंबित आईएएस अधिकारी के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि इस महिला अफसर के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 20 सितंबर, 2009 और 16 फरवरी, 2010 के अलावा इस साल जनवरी में दिए आदेश का हवाला दिया गया है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों, सड़क तथा सरकारी भूमि पर बनने वाले पूजास्थलों को ढहाने का आदेश दिया था।

साथ ही सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया था कि वह सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनने वाली इबादतगाहों के खिलाफ कार्रवाई करें।

याचिका में यह भी कहा गया है कि ईमानदार नौकरशाह मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के तहत अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। नागपाल का निलंबन निरस्त करने का आदेश सरकार को दिया जाए।

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