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मायावती के बंगले पर आफत, कोर्ट में याचिका दाखिल

Wed, 21 Oct 2015 07:57 AM IST
Updated Wed, 21 Oct 2015 07:57 AM IST
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pil file against mayawati

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती उनके पिता और भाई के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप है कि मायावती ने अपने गांव में स्थित कृषि भूमि को राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर आबादी की भूमि घोषित करवा लिया और उस पर एक बड़ा बंगला बनवाया है।

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याचिका में कृषि भूमि को आबादी की जमीन घोषित करने के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। इस पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में 19 नवंबर तक जवाब मांगा है।
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याचिका वीरेंद्र सिंह और अन्य लोगों ने दाखिल की है। आरोप है कि मायावती ने नोएडा स्थित अपने पैतृक गांव बादलपुर में कृषि भूमि को तत्कालीन एसडीएम दादरी घनश्याम दास और तहसीलदार कन्हई सिंह यादव से मिलकर आबादी की जमीन घोषित करा लिया।

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पढ़िए, क्या है पूरा मामला?

pil file against mayawati

इस भूमि पर करीब 1.32130 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बंगला बनाया गया है। इस पूरी कार्यवाही की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।

याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा उनके पिता प्रभूदयाल, भाई आनंद कुमार के अलावा करतार सिंह नागर, भीम सिंह, भारत भूषण निदेशक मेसर्स कस्टमाइज्ड कॉल सेंटर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, दीपक बंसल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, तत्कालीन एसडीएम दादरी घनश्याम दास, तत्कालीन तहसीलदार कन्हई सिंह यादव को भी पक्षकार बनाया गया है।

मामला वर्ष 2006 का है उस समय मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं और उनके दबाव में राजस्व अधिकारियों ने अपने अधिकार का दुरुपयोग कर भूमि उपयोग में परिवर्तन कर दिया।

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