UPSC ने अक्षम लोगों के लिए बदले नियम, जानिए क्या
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दृष्टि बाधित और शारीरिक रूप से अक्षम प्रतिभागियों को अब केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में राइटर की सुविधा मिलेगी। उन्हें परीक्षा में प्रति घंटे 20 मिनट के हिसाब से अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
आयोग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार दृष्टि बाधित, दिमागी पक्षाघात, जिसमें शरीर की गतिविधि प्रभावित होती और लोकोमोटिव डिसएबिलिटी यानी जोड़ों और मांसपेशियों के रोग से पीड़ित प्रतिभागियों को यह सुविधा मिलेगी।
40 फीसदी से अधिक होनी चाहिए अक्षमता
आयोग के अनुसार शारीरिक अक्षमता कम से कम 40 फीसदी होनी चाहिए। भारतीय वन सेवा परीक्षा 2015 के संबंध में आयोग की ओर से शुद्धिपत्र जारी करते हुए बताया गया है कि जिन प्रतिभागियों की दृष्टि कमजोर है, उन्हें राइटर की सुविधा के साथ 60 अतिरिक्त मिनट मिलेंगे।
परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के चलते अब भारतीय वन सेवा के प्रतिभागियों को भी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में बैठना होगा। प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर दोनों सेवाओं की मुख्य परीक्षा के लिए सफल अभ्यर्थियों की अलग-अलग सूची बनाई जाएगी।