जिसने इंदिरा से कहा, 'जरा पल्लू रख लें'
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31 अक्तूबर को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि है। उस जमाने के फोटोग्राफर शमशेर बहादुर इंदिरा को आज भी याद करते हैं।
भारत के आजाद होने के बाद सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रहीं इंदिरा गांधी के कुछ अनछुए पहलुओं पर बीबीसी हिंदी एक सिरीज पेश कर रहा है। इस कड़ी की पहली कहानी चंडीगढ के फोटोग्राफर शमशेर बहादुर दुर्गा की यादों से निकली है।
इसमें बेहद सख्त प्रशासक और चतुर राजनेता मानी जाने वाली इंदिरा गांधी के कोमल स्वभाव की झलक देखी जा सकती है।
शमशेर बहादुर दुर्गा ने 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को फोटो खिंचवाने के लिए सिर पर पल्लू लेने को कहा था। उनकी पुण्यतिथि के मौके पर पढ़िए उनके फोटो खिंचवाने की एक कहानी।
आज भी याद हैं इंदिरा
इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से निगेटिव मांगे जाने पर उन्होंने इनकार कर दिया था। ये ऐसी बाते हैं तो 84 साल की उम्र में भी फोटोग्राफर दुर्गा को साफ-साफ याद हैं।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दिल्ली से शिमला जाते समय चंडीगढ में रुकी थीं। शिमला में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो से बातचीत के लिए जा रही इंदिरा गांधी विमान से आई थीं और आगे सेना के हेलिकॉप्टर में गई थीं।
इसी दौरान चंडीगढ के तत्कालीन कमिश्नर मोहिन्दर सिंह रंधावा ने पंजाब विकास विभाग के फोटोग्राफर दुर्गा को इंदिरा गांधी से मिलवाते समय उनकी तारीफ की थी।
इसके बाद की कहानी दुर्गा की खींची तस्वीरें बताती हैं।
प्रधानमंत्री के कहने पर भी नहीं दी निगेटिव
दुर्गा उस दिन को याद करते हुए बताते हैं, "मैंने उनसे फोटो खींचने की इजाजत मांगी और वह मुस्कुराईं। मैंने उन्हें फोटो खिंचवाने के लिए साड़ी का पल्लू सर पर करने की विनती की और उन्होंने मुस्कुराते हुए साडी का पल्लू सिर पर रख लिया और हेलिकॉप्टर में बैठ कर जाने तक रखा।"
इस दौरान दुर्गा ने इंदिरा गांधी की कई तस्वीर खीचीं जो उनके शिमला के लिए उड़ान भरने से पहले की हैं। दुर्गा ने फोटोग्राफ्स बनवाकर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दीं।
दुर्गा बताते हैं, "बीस दिन बाद इंदिरा जी के दफ्तर से रंधावा जी के दफ्तर में चिट्टी आई कि प्रधानमंत्री जी तस्वीरों की और प्रतियां चाहती हैं। अगर हो सके तो निगेटिव भेजे जाएं।"
रंधावा ने यह चिट्ठी दुर्गा को दिखाई। दुर्गा ने कहा, "मैंने लिखवाया कि प्रतियां कितनी भी मिल सकती हैं पर बेशकीमती निगेटिव नहीं दिया जा सकता।"
लाइब्रेरी में आज भी मौजूद हैं यादें
इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से बडे़ आकार की तस्वीरें मांगी गईं और फोटोग्राफर की भावनाओं की तारीफ की गई।
ये तस्वीरें पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी ने दुर्गा के संग्रह से डिजिटाइज की हैं। एक तस्वीर में रंधावा इंदिरा गांधी को गुलदस्ता दे रहे हैं और कोई दूसरा फोटोग्राफर तस्वीर खींच रहा है।
तस्वीर खींचने वाला और तस्वीर के अंदर दिखाई दे रहा कैमरा, दोनों पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी के पास हैं। लाइब्रेरी के निर्देशक दविंदरपाल सिंह का कहना है, "डिजिटल लाइब्रेरी बनाने से तस्वीरों, फोटोग्राफरों और कैमरों की कहानियां भी संभाली गई हैं।"