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पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकार से मांगा राहत पैकेज

Thu, 27 Nov 2014 09:11 AM IST
Updated Thu, 27 Nov 2014 09:11 AM IST
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Petroleum Ministry seeks bailout from government.

गैस की कमी के चलते बेकार पड़ी बिजली परियोजनाओं को फिर से चालू करने के लिए ऊर्जा, पेट्रोलियम मंत्रालय ने केंद्र सरकार के समक्ष वित्तीय राहत पैकेज देने का प्रस्ताव रखा है। ताकि, बिजली संकट की मार झेल रहे उत्तर प्रदेश सहित उत्तर व दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में बिजली की आपूर्ति बेहतर की जा सके।

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ऊर्जा मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक व देश के अन्य प्रमुख बैंकों से बेकार पड़ी गैस आधारित बिजली परियोजनाओं के लिए जल्द से जल्द राहत पैकेज तैयार करने की मांग की है।
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बुधवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में बैठक की गई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों समेत कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सरकार वर्ष 2019 तक हर घर में बिजली देना चाहती है।
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बिजली संकट झेल रहे राज्यों को उबारने की कोशिश

Petroleum Ministry seeks bailout from government.

प्रस्ताव के मुताबिक गैस की कमी से जूझ रही 20,000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली परियोजनाओं को गैस आपूर्ति के लिए गैस पूलिंग करने का सुझाव रखा गया है। एलएनजी और प्राकृतिक गैस को मिलाकर गैस की पूलिंग की जाएगी। पूलिंग के जरिए उत्पादित बिजली की कीमत को नियंत्रण में रखने का प्रस्ताव रखा गया है।

इन गैस आधारित बिजली परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की बिक्री की कीमत के लिए एक सीमा तय की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं पर उसका भार न पड़े। इन संयंत्रों में उत्पादित होने वाली बिजली की खरीदारी के लिए बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के साथ समझौते का भी प्रस्ताव है, ताकि डिस्कॉम इनकी बिजली को खरीदने से इनकार न कर सके।

डिस्कॉम को इसके बदले पैकेज के तहत कुछ रियायत भी दी जा सकती है। पहले भी इसकी आशंका जताई जा चुकी है कि गैस पूलिंग के जरिए उत्पादित बिजली की लागत काफी अधिक होगी और उसका कोई खरीदार नहीं होगा।

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