खुशखबरी: फिर कम होंगे पेट्रोल के दाम!
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इंवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सॉक्स का कहना है कि सितंबर में होने वाली मूल्य वृद्धि के बाद तेल कंपनियों को डीजल की बिक्री पर कोई घाटा नहीं उठाना पड़ेगा। इसके चलते सितंबर से बाजार भाव पर डीजल बिक्री शुरू हो सकती है।
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 14 महीने के न्यूनतम स्तर पर आने से न सिर्फ डीजल के नियंत्रण मुक्त होने की उम्मीद जगी है, बल्कि पेट्रोल की कीमतों में भी कमी आ सकती है।
अगले दो महीने में थम सकती है वृद्धि
गोल्डमैन सॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक अगर कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहते हैं, तो सितंबर में होने वाली 50 पैसे की वृद्धि के बाद डीजल पर अंडर रिकवरी घटकर 30 पैसे प्रति लीटर रह सकती है।
यानी इस मासिक वृद्धि का सिलसिला अगले दो महीने में थम सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, गत 16 अगस्त को डीजल पर अंडर रिकवरी 1.78 रुपये प्रति लीटर रह गई है।
यह अंडर रिकवरी 30 जुलाई से 12 अगस्त के दौरान कच्चे तेल की औसत कीमत 103.85 डॉलर प्रति बैरल और डॉलर की कीमत 60.91 रुपये के आधार पर तय की गई है।
लोगों को मिलेगी राहत
पिछले एक हफ्ते के दौरान गिरावट के बाद इंडियन बास्केट क्रूड ऑयल का दाम 100.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गए हैं, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया 61.06 रुपये के स्तर पर है।
गौरतलब है कि रियायती दरों पर डीजल की बिक्री और इसके बाजार भाव का अंतर पाटने के लिए सरकार ने तेल कंपनियों को जनवरी 2013 से 40-50 पैसे की मासिक वृद्धि करने की छूट दी थी।
तब से अब तक 18 किस्तों में डीजल पर 11.24 रुपये की मूल्य वृद्धि हो चुकी है।