3 दिन की और CBI रिमांड पर पीटर मुखर्जी
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सीबीआई ने सोमवार को अदालत को बताया कि शीना बोरा की हत्या की वजह वित्तीय लेनदेन है। जांच एजेंसी ने कहा कि शीना के सौतेले पिता और इस मामले में चार हत्यारोपियों में से एक पीटर मुखर्जी को कुछ संदिग्ध दस्तावेज की जानकारी थी। साथ ही एजेंसी ने अपने हलफनामे में कहा है कि मामले की मुख्य आरोपी और मृतका की मां इंद्राणी शीना के ईमेल अकाउंट को खोलने की कोशिश कर रही थी तो उस वक्त पीटर भी उसके साथ मौजूद थे।
पीटर पर भी हत्या और आपराधिक साजिश का आरोप लगा है। यह बात सीबीआई ने पीटर की हिरासत की अवधि 10 दिन और बढ़ाने की अपील के दौरान की। एजेंसी अब इस सनसनीखेज मामले की जांच वित्तीय दृष्टिकोण से करना चाहती है। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई को पीटर की हिरासत 26 नवंबर तक के लिए ही दी है। सीबीआई ने 19 नवंबर को पीटर को गिरफ्तार किया था।
संपत्ति के लेनदेन का मांगा हिसाब
सीबीआई ने कहा कि 24 वर्षीय शीना बोरा की हत्या के पीछे उद्देश्य वित्तीय लेनदेन का था। साथ ही एजेंसी ने कहा कि पूछताछ के दौरान पीटर ने खुद के और इंद्राणी द्वारा करोड़ों रुपये के निवेश का खुलासा किया है। यह निवेश ब्रिटेन और भारत किया गया है। साथ ही 2010-2011 के दौरान कुछ अचल संपत्ति की भी खरीद की गई लेकिन इन संपत्तियों की खरीद के पैसों के स्रोत का जिक्र नहीं किया।
गौरतलब है कि शीना बोरा मर्डर केस में पीटर की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी मुख्य आरोपी हैं। इस हत्याकांड के पीछे कई लोगों का हाथ होने के शक में पीटर मुखर्जी से भी पूछताछ की जा रही है।