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हिमाचल चुनावः रोज डकारी तीन करोड़ की शराब

Fri, 02 Nov 2012 02:30 PM IST
सुनील चड्ढा/शिमला
सुनील चड्ढा/शिमला Updated Fri, 02 Nov 2012 02:30 PM IST
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people drinking wine of three crore daily in himachal election

चुनावी महीने में शराब की डिमांड काफी बढ़ गई है। हिमाचल में छह से 30 अक्टूबर तक 25 दिन में करीब 50 लाख 35 हजार 886 लीटर शराब बिकी है। यानी हर रोज औसतन दो लाख एक हजार 435 लीटर शराब डकारी गई। एक से पांच अक्टूबर तक लगभग 10 लाख सात हजार 175 लीटर शराब बिकी। इस तरह अक्टूबर में करीब 60 लाख 43 हजार 61 लीटर शराब बिकी है। इसकी कीमत करीब 93 करोड़ 10 लाख छह हजार 160 बनती है।

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श्राद्ध और नवरात्र के बावजूद शराब की बिक्री में वृद्धि की वजह चुनाव मानी जा रही है। अप्रैल से अगस्त 2012 तक करीब 1 करोड़ 70 लाख 21 हजार 481 लीटर शराब बिकी है। यह पांच महीनों का आंकड़ा है। एक महीने की औसत निकालें तो यह 34 लाख 04 हजार 296 लीटर बनती है। यानी, चुनाव से पहले हर महीने करीब 34 लाख 04 हजार 296 लीटर शराब बिकी।
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चुनाव की घोषणा होते ही अक्टूबर में शराब की खपत बढ़कर करीब 60 लाख 43 हजार 61 लीटर हो गई। मोटे तौर पर लें तो चुनावी महीने में पिछले महीनों के मुकाबले शराब की मांग काफी बढ़ गई है। हैरत यह है कि अक्टूबर में 16 श्राद्ध और नवरात्र थे। मान्यता है कि हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले श्राद्ध और नवरात्र में शराब तथा मांस का प्रयोग नहीं करते हैं। यानी अक्टूबर में पिछले महीनों की अपेक्षा शराब की खपत कम होनी चाहिए थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं शराब की खपत चुनाव को लेकर तो नहीं बढ़ गई।
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एक्साइज डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के मुताबिक अक्टूबर 2012 की तुलना अगर अक्टूबर 2011 से करें तो इस साल इस एक महीने में शराब की बिक्री में 15 फीसदी ही बढ़ोतरी हुई है। शराब की बिक्री हर महीने घटती-बढ़ती रहती है। हर महीने एक ही मात्रा में शराब नहीं बिकती। गर्मियों में हार्ड लिकर कम बिकती है, जबकि बीयर अधिक। वहीं सर्दियों में हार्ड लिकर ज्यादा बिकती है, जबकि बीयर कम।

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