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थमा नहीं है कांग्रेस के खिलाफ लोगों में गुस्सा

Tue, 23 Dec 2014 04:18 PM IST
Updated Tue, 23 Dec 2014 04:18 PM IST
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Nation's distrust in Congress - Jammu Kashmir and Jharkhand Election Results 2014

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस के खिलाफ मतदाताओं में अभी भी गुस्सा है। झारखंड और जम्मू-कश्मीर में जो चुनाव परिणाम सामने आए हैं, उससे तो यही नजर आ रहा है। इससे पहले महाराष्ट्र, हरियाणा में भी कांग्रेस को मतदाताओं ने बुरी तरह खारिज कर दिया था।

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लगता है यूपीए सरकार की नाकामियां लोगों के जेहन में अभी भी हैं और वो कांग्रेस के खिलाफ लगातार अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। मोदी सरकार को भले ही सत्ता में छह महीने से ज्यादा हो गए हैं और वो अपने कई वादों पर खरी न उतरी हो, फिर भी बीजेपी नेतृत्व से लोग आस लगाए बैठे हैं।
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बात जम्मू-कश्मीर की करें तो 87 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस महज 12 तक सिमटती नजर आ रही है। 2009 के मुकाबले उसे यहां करीब 5 सीटों का नुकसान नजर आ रहा है। चूंकि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ कांग्रेस सत्ता में सहयोगी दल के तौर पर ही थी, इसलिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुकाबले कांग्रेस को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। नेशनल कॉन्फ्रेंस को 2009 के मुकाबले यहां 15 सीटों का नुकसान नजर आ रहा है। वो केवल 13 सीटों तक सिमटती नजर आ रही है।

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हरियाणा और महाराष्ट्र में भी हार चुकी कांग्रेस

Nation's distrust in Congress - Jammu Kashmir and Jharkhand Election Results 2014

तमाम कोशिशों के बाद भी कांग्रेस अपनी हार का सिलिसिला थाम नहीं पा रही है। लोकसभा चुनाव की हताशा से न कांग्रेस कार्यकर्ता उबर पाए हैं और न ही बड़े नेता। कांग्रेस के तमाम नेता हार के लिए कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी की क्षमताओं पर सवाल उठा चुके हैं। महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सरकार को करारी हार का सामना करना पड़ा था हरियाणा में भी हुड्डा सरकार का पतन हुआ था।

महाराष्ट्र में तमाम प्रयासों के बावजूद एनसीपी-कांग्रेस का गठबंधन नहीं हो पाया था और दोनों पार्टियों ने अकेले अपने दम पर ही चुनाव लड़ा था। हालांकि इसी तरह शिवसेना और बीजेपी गठबंधन भी इस चुनाव में नहीं हो सका था और दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर कर आई और काफी कश्मकश के बाद उसने शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाई। हरियाणा में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी वो भी पूर्ण बहुमत के साथ।

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