रेल हादसा: भूखे प्यासे यात्रियों को इलाहाबाद में मिला खाना
कामायनी एक्सप्रेस में सवार यात्रियों की आज रेल प्रशासन के खिलाफ खासी नाराजगी रही। इटारसी से इलाहाबाद तक के सफर के दौरान रेलवे की ओर से कहीं भी यात्रियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं की गई।
हालांकि इलाहाबाद पहुंचने के बाद यात्रियों की यह नाराजगी दूर हो गई। जंक्शन पर एनसीआर की ओर से यात्रियों को फ्री भोजन और पानी की व्यवस्था कराई गई।
स्टेशन मैनेजर राजाराम राजपूत, डीसीएम एसके श्रीवास्तव के नेतृत्व में कामायनी के सभी कोचों में सवार यात्रियों से भोजन पानी के बारे में पूछा गया।भोपाल से कामायनी में पांच कोच जोड़ गए थे।
जंक्शन पर हुई 18 यात्रियों की पट्टी
इनमें ज्यादातर वही यात्री सवार थे, जिनके कोच मध्य प्रदेश में हादसे का शिकार हुए। जंक्शन पर डा. नुपुर पांडेय एवं अन्य चिकित्सकों ने कुल 18 यात्रियों की मरहम पट्टी जंक्शन पर की गई। इस दौरान यात्रियों को भोजन के पैकेट भी दिए गए।
स्टेशन पर ही ट्रेन के सभी कोचों की सफाई भी करवाई गई। सभी कोचों में पानी भी भरवाया गया। यात्रियों का कहना था कि भोपाल में कामायनी में पांच कोच जोड़े गए।
इस दौरान रेलवे से जुड़े लोगों ने यात्रियों को किसी तरह से इन कोचों में चढ़वा दिया, लेकिन भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं की गई। बीच रास्ते पड़ने वाले स्टेशनों में भी उनका हालचाल नहीं पूछा गया।
बूढ़े हो चुके हैं एनसीआर के कई पुल
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में हुआ हादसा तेज बारिश और उसकी वजह से पुलिया ढह जाने की वजह से हुआ। निकट भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति उत्तर मध्य रेलवे में भी हो सकती है।
ऐसा इसलिए क्योंकि एनसीआर जोन के इलाहाबाद मंडल में कई ब्रिज ऐसे हैं, जिनकी उम्र 100 वर्ष से ज्यादा की हो चुकी है। बूढ़े हो चुके इन पुलों के स्थान पर नये पुलों की दरकार लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन रेलवे ने अब तक इन ब्रिजों के स्थान पर नये का निर्माण करने का कोई कदम नहीं उठाया है।
कुल मिलाकर हैं 79 पुल
इलाहाबाद मंडल में कुल पुलों की संख्या 79 है। इसमें से पांच महत्वपूर्ण ब्रिज हैं। इनमें इलाहाबाद के नैनी में बना यमुना ब्रिज, मेजा के पास टोंस नदी का ब्रिज, चुनार रेलवे स्टेशन के पहले और बाद में बने दो अन्य ब्रिज शामिल हैं।
जोन में सबसे पुराना टोंस नदी का ब्रिज है। इसकी उम्र 151 वर्ष हो चुकी है। जबकि नैनी में बना यमुना ब्रिज 15 अगस्त को 150 वर्ष पूरे करने जा रहा है। मेजर ब्रिजों की संख्या डिवीजन में 54 है जबकि माइनर ब्रिज 20 हैं। मंडल में अधिकांश ब्रिज सौ वर्ष या उसके आसपास के हैं।