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चीनी राष्ट्रपति से ज्यादा लोकप्रिय हैं उनकी पत्नी

Thu, 18 Sep 2014 12:38 PM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 12:38 PM IST
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Chinese president Xi jinping's india visit: Huge welcome ceremony in Gujarat

चीनी राष्ट्रपति शी की पत्नी पेंग चीन में काफी लोकप्रिय हैं। वह एक लोकगीत गायिका हैं और उन्हें बेहद ताकतवर माना जाता है। वह भारत और चीन के रिश्तों में मिठास घोलने की कोशिश कर सकती हैं।

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वे अपने साथ चीन में बने मोबाइल फोन और दूसरे सामान लेकर आएंगी जो वह अन्य देशों की यात्रा के दौरान पेश करती रहती हैं।

वह अहमदाबाद के गांधी आश्रम जा सकती हैं और अगर ऐसा हुआ तो पिछले उदाहरणों के उलट होगा। अतीत में चीनी नेता दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को दोहराने के लिए बौद्ध केंद्रों को चुनते रहे हैं।

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चीन समेत विदेशों में बेहद लोकप्रिय हैं पेंग

Chinese president Xi jinping's india visit: Huge welcome ceremony in Gujarat

पेंग, चीन के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में दूसरी सर्वाधिक रसूख वाली महिला हैं। उनसे पहले कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व चेयरमैन माओत्से तुंग की पत्नी जियांग किंग का नाम लिया जाता है।

चीन के पूर्व नेता देंग जियाओपिंग से लेकर हू जिंताओ तक की पत्नियों ने पर्दे के पीछे रहकर ही काम किया है। विदेशों में पेंग की तुलना फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोला सारकोजी की पत्नी कार्ला ब्रूनी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा से की जाती है।

पेंग को 'द पिअनी फ़ेयरी' भी कहा जाता है। दरअसल चीन में लियुआन का मतलब होता है 'अलबेला सौंदर्य'। पेंग का जन्म 20 नवंबर 1962 में हुआ था। उन्हें अपनी सादगी के कारण भी जनता की तारीफ मिलती है।

पेंग विश्व स्वास्थ्य संगठन की सद्भावना दूत भी रह चुकी हैं और इस रूप में उनका काम तपेदिक और एड्स के बारे में जागरुकता फैलाना था। पेंग तंबाकू के खिलाफ अभियान चला रहे एक चीनी संगठन की भी सद्भावना दूत थीं।

पढ़िए पेंग लियुआन की पूरी करियर यात्रा

Chinese president Xi jinping's india visit: Huge welcome ceremony in Gujarat

पेंग ने अपने करियर की शुरुआत चीन की पीपुल्स लीबरेशन आर्मी से की थी। बाद में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी का वरदहस्त हासिल हुआ और वो लगातार सरकारी टीवी पर पार्टी के प्रचार वाले गीत पेश करती नज़र आने लगीं।

शी जिनपिंग की तरह ही उनके परिवार को भी सांस्कृतिक क्रांति के दौर में सताया गया था। साल 2004 में एक चीनी टीवी को दिए साक्षात्कार में पेंग ने बताया था कि उनके पिता को इस वजह से क्रांति विरोधी घोषित कर दिया गया था क्योंकि उनके कुछ परिजन ताइवान की सेना में काम करते थे।

हालांकि पेंग इन मुश्किल हालातों से हतोत्साहित नहीं हुईं और 14 साल की उम्र में ही उन्होंने चीनी लोक संगीत की शिक्षा के लिए शांदोंग विश्वविद्यालय ऑफ़ आर्ट्स में दाखिला ले लिया। 1980 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में वो 'कला और संस्कृति योद्धा' के रूप में शामिल हुईं।

1983 में नए साल पर हुए समारोह में उनकी प्रस्तुति ने उन्हें रातोंरात राष्ट्रीय सितारा बना दिया। उसके बाद उन्होंने बाहर के कई देशों में भी अपना कार्यक्रम पेश किया। 1986 में जब पेंग की मुलाकात शी जिनपिंग से हुई तभी वो विख्यात गायिका थीं और शी शियामेन शहर के उपमहापौर और तलाकशुदा व्यक्ति थे।

कुछ ही महीनों की दोस्ती के बाद सितंबर 1987 में दोनों ने शादी कर ली और 1992 में उनकी बेटी पैदा हुई जिसका नाम शी मिंगज़े रखा गया।

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