नहीं पहुंचाई चिट्ठी, पोस्टमैन पर 1.18 लाख जुर्माना
नौकरी के लिए आई चिट्ठी को पोस्टमैन ने बांटा ही नहीं, जिस पर मामला उपभोक्ता फोरम पहुंच गया। राज्य उपभोक्ता फोरम ने गांव के पोस्टमैन पर 1.18 लाख रुपये का जुर्माना डाला है। हालांकि फोरम ने इस मामले में अन्य अफसरों को राहत दे दी है।
मामला यूपी में रामपुर क्षेत्र के ककरौवा गांव से जुड़ा हुआ है। गांव के रामपाल सिंह ने नौकरी के लिए आवेदन किया था।
उसकी नौकरी का साक्षात्कार का पत्र डाक विभाग के जरिए भेजा गया था। डाकिया ने यह कहते हुए इस पत्र को वापस कर दिया कि रामपाल नाम का कोई भी व्यक्ति गांव में नहीं रहता। रामपाल को नौकरी नहीं मिली।
उपभोक्ता फोरम का फैसला
रामपाल ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली थी। उपभोक्ता फोरम ने पोस्टमैन भूकन सरन और डाक विभाग दो हजार वाद खर्च समेत कुल 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ डाक विभाग ने राज्य से लेकर नेशनल उपभोक्ता फोरम की शरण ली थी।
नेशनल उपभोक्ता फोरम ने राज्य फोरम को इस मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश दिए थे। राज्य फोरम ने गांव के पोस्टमैन भूकन सरन पर वाद खर्च समेत 1.18 लाख रुपये का जुर्माना देने के आदेश दिए हैं।
फोरम ने इस मामले में आरोपी बनाए गए डाक विभाग के सचिव, पोस्टमास्टर जनरल बरेली, वरिष्ठ प्रवर डाक अधीक्षक मुरादाबाद और हेड पोस्ट आफिस के पोस्ट मास्टर को दोषी नहीं माना है।