भाजपा को पीडीपी-एनसी ने माइंड गेम में उलझाया
‘मिशन कश्मीर’ के तहत अपना मुख्यमंत्री बनाने की जद्दोजहद में जुटी भाजपा को नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) और पीडीपी ने माइंड गेम में उलझा दिया है।
एनसी मौखिक रूप से पीडीपी को समर्थन दिए जाने की संभावना जताकर भाजपा को अपनी शर्तें मानने पर मजबूर करना चाहती है।
वहीं पीडीपी भी कांग्रेस सहित अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने का संकेत दे कर भाजपा को उलझाना चाहती है। हालांकि भाजपा के रणनीतिकार फिलहाल पीडीपी के साथ-साथ एनसी के भी संपर्क में हैं।
वहीं पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद सईद को पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनाने सहित चार अन्य शर्तें रखने के बावजूद भाजपा के रणनीतिकार विवाद का हल निकलने के प्रति आशान्वित हैं।
इस बीच पार्टी के रणनीतिकारों ने एनसी का अध्याय भी बंद नहीं किया है। पार्टी ने दोनों ही दलों के समक्ष अपनी ही पार्टी का मुख्यमंत्री बनाने की शर्त नहीं छोड़ी है।
दोनों ही दलों के संपर्क में भाजपा
एनसी के समक्ष भाजपा ने पूरे कार्यकाल के लिए अपना मुख्यमंत्री बनाने की शर्त रखी है, वहीं पीडीपी के समक्ष तीन-तीन साल की सत्ता का फॉर्मूला रखा है।
हालांकि भाजपा चाहती है कि इस फॉर्मूले के तहत पहले तीन साल तक सरकार की अगुवाई करने का मौका उसे हासिल हो।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि एनसी राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं चाहती। मजे की बात यह है कि पहले भाजपा के रणनीतिकारों ने पीडीपी और एनसी को एक-दूसरे का डर दिखाने की रणनीति बनाई थी।
इसी रणनीति के तहत भाजपा ने एनसी से बातचीत के बाद पीडीपी से वार्ताओं का दौर शुरू कर दिया था। भाजपा के एक शीर्ष नेता का दावा था कि पार्टी के लिए अब भी उम्मीद के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।
पार्टी के रणनीतिकार अब भी अलग-अलग एनसी और पीडीपी के संपर्क में हैं। पीडीपी की नई शर्तों ने हालांकि पार्टी के रणनीतिकारों की सिरदर्दी बढ़ा दी है।