एक और 'बुक बम' से घेरे में मनमोहन
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प्रधानमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू की किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ से सवालों के घेरे में खड़े प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुश्किलें अब पूर्व कोयला सचिव पी सी पारिख ने बढ़ा दी है।
उन्होंने अपनी किताब में कोयला मंत्रालय के कामकाज को लेकर मनमोहन सिंह पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने सीबीआई पर भी हमले किए हैं और कहा है कि इसके निदेशक रंजीत सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट को प्रभावित करने के लिए मेरे खिलाफ काम किया।
मनमोहन पर नहीं था नियंत्रण
उन्होंने आश्चर्य जताया कि सिन्हा ने पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की क्योंकि कोयला खदानों के आवंटन में उन्होंने ही फैसला किया था।
पारिख ने अपनी किताब ‘क्रूसेडर ऑर कांस्पिरेटर-कोलगेट एंड अदर ट्रूथ्स’ में खुलासा किया है कि डॉ. सिंह जिस सरकार के मुखिया थे, उन पर उनका बहुत कम नियंत्रण था।
पारिख आज करेंगे किताब का विमोचन
उन्होंने दावा किया है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला घोटालों से पीएम की छवि को गहरा धक्का लगा। इससे पहले बारू ने अपनी किताब में दावा किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सारे फाइलों पर फैसला लेती थीं।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर रबर स्टाम्प की तरह काम करने का आरोप भी लगाया है। इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बारू की किताब से यह साफ होता है कि प्रधानमंत्री नाम की संस्था को सीमित कर दिया गया था।
आडवाणी ने भी साधा निशाना
कांग्रेस ने हालांकि बारू के दावों को काल्पनिक बताकर खारिज किया है। उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने डॉ. सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में खुलासे से वह हैरान नहीं हैं।
लोगों को बहुत सारी बातें पहले से ही पता हैं। लेकिन इन बातों की पुष्टि प्रधानमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार ने कर दी है।