22 लाख के फर्जीवाड़े में फंसा हजारों करोड़ की कंपनी चलाने वाला
अलीगढ़ निवासी विजय शेखर शर्मा द्वारा स्थापित 2568 करोड़ की मोबाइल वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ‘पेटीएम’ पर मध्य प्रदेश पुलिस ने 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इसमें कंपनी के डायरेक्टर विजय शेखर शर्मा के अलावा हरेंद्र पाल को भी नामजद किया गया है।
एक महीने पहले यह मुकदमा धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में दर्ज किया गया है। विजय शेखर शर्मा नौरंगाबाद के शिवाजी पुरम के रहने वाले हैं और उनके पिता एसपी शर्मा हरदुआगंज के अग्रसेन इंटर कॉलेज से रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस ने दर्ज किए इस मुकदमे के अनुसार धोखाधड़ी करने वालों ने बैंक मैनेजर बनकर आसान तरीके से ऋण दिलाने का झांसा दिया। पीड़ितों के एटीएम कार्ड की डिटेल हासिल की। इसके बाद पेटीएम को मोबाइल के रिचार्ज और डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) के रिचार्ज के लिए इस्तेमाल किया।
क्या कहना है मध्य प्रदेश पुलिस का?
‘एटीएम कार्ड धारक से उसका का पिन नंबर हासिल करने के बाद कथित ठगी करने वाले पेटीएम के माध्यम से ट्रांजेक्शन कर लिया करते थे। इसके बाद एटीएम धारक उपभोक्ता के पास एक एसएमएस आता था जिसमें पैसे डेबिट होने की जानकारी होती थी। यह सब काम गैंग के लोग पेटीएम के द्वारा करते थे। (पेटीएम एक तरह से पैसे के ट्रांसफर के लिए गेटवे की तरह था)। पेटीएम कंपनी वालों की जानकारी में यह सब रहा होगा।
क्या कहते हैं पिता
हमारा 2538 करोड़ रुपये से अधिक का टर्न ओवर है। बहुत मेहनत से बेटे ने यह मुकाम खड़ा किया है। बाजार की स्पर्धा के चलते एक षड्यंत्र के तहत मध्य प्रदेश में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इसमें वहां के एडीजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। हमें इस मामले में अदालत से राहत मिल चुकी है।
इसके अलावा हम जो भी वित्तीय लेनदेन की सेवा उपलब्ध करा रहे हैं उसके लिए हमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से लाइसेंस हासिल है। मार्केट में जमे हुए कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि हम जम सकें। लेकिन हमारी कंपनी इस समय विश्व स्तर पर कारोबार कर रही है और भारत विदेशी मुद्रा भंडार में योगदान कर रही है।