पवार का यू-टर्न, दंगों पर मोदी की जमकर आलोचना
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हाल में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘क्लीन चिट’ देने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने शनिवार को यू-टर्न लेते हुए गुजरात दंगों के लिए उनकी आलोचना की। उन्होंने मोदी के विकास मॉडल की आलोचना करते हुए उन पर समाज के कुछ वर्गों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।
एक कार्यक्रम में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चर्चा के दौरान पवार ने कहा कि पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री विकास के अपने एजेंडे के बारे में बोलते रहते हैं। लेकिन विकास क्या है? क्या यह गरीब के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है।
उन्होंने कहा कि वह देश का चेहरा बदलने की बात करते हैं। लेकिन पूरे देश ने देखा कि कैसे जनसंहार हुआ। मोदी के संदर्भ में यह टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग पूरी ताकत चाहते हैं... लेकिन उनकी सोच समाज के एक तबके को हाशिए पर धकेलने की है।
'पवार की सांप्रदायिक बयान देने की आदत'
पवार ने हाल ही में कहा था कि 2002 के गुजरात दंगों में मोदी की भूमिका के बारे में अदालती फैसला आ जाने के बाद अब उस पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था हमें अदालत के फैसले को स्वीकार करते हुए इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए।
पवार की ताजा टिप्पणी को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि एनसीपी प्रमुख की चुनाव से पहले सांप्रदायिक बयान देने की आदत है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार साल और नौ महीने से पवार एक धर्मनिरपेक्ष की तरह बात कर रहे थे लेकिन जब चुनाव नजदीक आ गया है तो वह सांप्रदायिक हो गए हैं।
सत्यपाल के भाजपा में शामिल होने की आलोचना
पवार ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह की आईपीएस की नौकरी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कल तक वे शहर की कानून और व्यवस्था का जिम्मा संभालते थे और अचानक से पता चलता है कि वह भाजपा में शामिल हो गए हैं।
पवार ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी सांप्रदायिक भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रातोंरात विचारधारा नहीं बनती। जो लोक प्रशासन में हैं उनसे एक धर्मनिरपेक्ष देश में निष्पक्ष रहने की आशा की जाती है।