फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   pawan kumar bansal how would say mister clean

पवन कुमार बंसल: अब कैसे कहेंगे ‘मिस्टर क्लीन’

Sat, 11 May 2013 01:08 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sat, 11 May 2013 01:08 AM IST
विज्ञापन
pawan kumar bansal how would say mister clean

रेलवे घूसखोरी मामले में घिरने से पहले तक पवन कुमार बंसल की छवि ‘मिस्टर क्लीन’ की थी और उन्हें अपने काम को लेकर बेहद संजीदा माना जाता था। लेकिन भांजे विजय सिंगला की घूसखोरी के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद उनकी छवि पर दाग लग गया।

विज्ञापन


बंसल को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अंबिका सोनी जैसे वरिष्ठ नेताओं का करीबी माना जाता है।

बंसल ने पंजाब के तापा कस्बे से सियासी गलियारे तक का सफर सफलतापूर्वक तय किया लेकिन देश के महत्वपूर्ण पद से उनकी विदाई आशा के अनुरूप नहीं रही।

1976 में यूथ कांग्रेस सदस्य के रूप में शुरुआत करने से लेकर केंद्रीय रेलवे मंत्री पद तक का सफर बंसल के कठिन परिश्रम का फल था। बंसल ने शुरुआत में वकालत भी की।
विज्ञापन


बंसल 28 साल की उम्र में चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के महासचिव चुने गए थे। वह 36 साल की उम्र में राज्यसभा सदस्य बने। 43 साल की उम्र में चंडीगढ़ से जीत हासिल कर लोकसभा पहुंचे। चंडीगढ़ से वह चार बार चुनाव जीते लेकिन उन्हें 1996 और 1998 में हार का भी सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


तृणमूल कांग्रेस के यूपीए-दो से समर्थन वापसी के बाद बंसल को रेल मंत्रालय का महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया। वह कांग्रेस की ओर से 18 साल बाद रेलवे मंत्रालय संभालने वाले वह कांग्रेस की ओर से पहले मंत्री थे।

बंसल के विरोधियों का कहना है कि वह राजनीतिक कैरियर और परिवार की बिजनेस महत्वाकांक्षा में संतुलन नहीं साध पाए, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed