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भगत सिंह को फांसी देने की टीस आज भी: पवन जल्लाद

Mon, 15 Sep 2014 02:43 PM IST
विवेक कुमार/अमर उजाला, सहारनपुर
विवेक कुमार/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Mon, 15 Sep 2014 02:43 PM IST
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Nithari Case Convict Surendra Koli to be Hanged by Pawan Jallad

नरपिशाच सुरेंद्र कोली को फांसी देने की तैयारी करने वाले मेरठ निवासी पवन जल्लाद इन दिनों सुर्खियों में है। वह फांसी देने की अपनी पुस्तैनी विरासत को संभाले हुए है। उसके परदादा लक्ष्मण सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत में शहीद भगत सिंह को फांसी दी थी।

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दादा कालू राम ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह और केहर सिंह को फांसी पर लटकाया था।

इस पुश्तैनी पेशे को आजमाने में पवन ने कभी हिचक महसूस नहीं की। यहां के इंद्रा कैंप में बेटी पूजा से मिलने आए पवन ने इस खानदानी पेशे के अनुभव रविवार को ‘अमर उजाला’ से साझा किया।

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परदादा ने दी थी भगत सिंह को फांसी

Nithari Case Convict Surendra Koli to be Hanged by Pawan Jallad

पवन बताते हैं कि परदादा लक्ष्मण सिंह ने ब्रिटिश शासन के दौरान लाहौर जाकर शहीद भगत सिंह को फांसी दी थी। इसकी टीस आज भी उनके परिजनों को है। परदादा के बाद दादा कालूराम ने इस पेशे को कायम रखा। दादा के साथ ही वह भी फांसी देने जाता था। उन्हीं को वह अपना गुरु मानता है।

फंदा बनाना और फांसी के लिए प्लेटफार्म तैयार करना उन्हीं से सीखा है। दादा के साथ वह आगरा, इलाहाबाद और पटियाला में फांसियां दे चुका है।

पवन के पिता मम्मू सिंह ने भी 12 फांसियां दी थी। देश की विभिन्न जेलों में उसके दादा और पिता को फांसी के लिए बुलाया जाता था। पिता की इच्छा कसाब और अफजल गुरू को फांसी देने की थी, लेकिन मई में बीमारी से उनकी मौत हो गई। पिता की इस इच्छा को वह पूरा करना चाहता है।

नहीं चलता परिवार का गुजारा

Nithari Case Convict Surendra Koli to be Hanged by Pawan Jallad

मेरठ में बहुचर्चित निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली को फांसी देने के सवाल पर पवन ने कहा कि इसकी पूरी तैयारी हो चुकी थी। रिहर्सल भी कर ली गई थी। कोर्ट के आदेश पर फिलहाल फांसी टल गई। कोर्ट जब भी फांसी की सजा मुकर्रर करेगी, वह तैयार है।

उसका मानना है कि ऐसे अपराधियों के लिए सिर्फ यही सजा होनी चाहिए। इस विरासत को क्या दोनों बेटे अमन (22), वासु (14) संभालेंगे? इस पर पवन ने कहा कि यदि बेटे आगे नहीं आएंगे तो वह भाइयों को ट्रेनिंग देगा। उसके पांच भाई हैं।

पवन जल्लाद बताते हैं कि सरकार से उसे हर माह तीन हजार रुपये वेतन मिलता है। परिवार में दो बेटे और पांच बेटियां हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है। बड़ा ग्रेजुएशन कर रहा है, छोटा नौवीं कक्षा में है। उसका कहना है कि इसमें परिवार का गुजारा नहीं चलता। वह फेरी लगा कर कपड़े बेचता है। कोली को फांसी देने के बाद वह सरकार के वेतन बढ़ाने और बच्चों को सरकारी नौकरी दिलवाने की मांग करेगा।

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