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बकरे का ‘टोटका’ भी नहीं बचा पाया बंसल की कुर्सी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 10 May 2013 10:10 PM IST
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रेलवे घूस कांड से विवादों में आए रेलमंत्री पवन कुमार बंसल को शुक्रवार को अपनी कुर्सी बचाने के लिए टोटकों का सहारा लेते देखा गया।
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बंसल को संकट से उबरने के लिए अपने किसी शुभचिंतक की सलाह पर शुक्रवार को एक सफेद बकरे को दाना खिलाते और उसकी पीठ पर हाथ फेरते देखा गया। बाद में पत्नी ने बंसल की नजर भी उतारी।
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इन टोटकों के बाद ही वह पूरे पांच दिन के बाद मंत्रालय पहुंचे। लेकिन रात तक भांजे की करतूत के चलते घिरे मामा को आखिरकार अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ा।
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भाजपा ने बंसल द्वारा आजमाए गए टोटके पर चुटकी लेते हुए कहा कि गलती रेलमंत्री तथा कांग्रेस की है और जान बेचारे बकरे की मुसीबत में है।
पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस अपनी गलती की सजा मासूम बकरे को देना चाहती है। बंसल लाख जतन कर लें, टोने टोटके से उनकी कुर्सी नहीं बचने वाली।
पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने भी रेल मंत्री को टोने टोटके और कर्मकांड में उलझने के बजाए सच का सामना करने की नसीहत दी।
मीडियाकर्मियों पर भड़का बेटा
टीवी चैनलों पर बकरा पूजा से संबंधित खबरों के प्रसारण से बंसल परिवार बुरी तरह भड़क गया। रेलमंत्री के पुत्र मनीष बंसल ने मीडिया को निजता का हनन न करने की नसीहत देते हुए कैमरे पर हाथ मार कर अपना गुस्सा जताया।
शुभचिंतक की सलाह पर पूजा
बताया जाता है कि उनके किसी शुभचिंतक ने कुर्सी बचाने के लिए उन्हें इस टोटके को आजमाने की सलाह दी थी।
कांग्रेस ने भी ली चुटकी
कांग्रेस के नेता भी चुटकी लेने से नहीं चूके। कांग्रेस मुख्यालय में बैठे एक वरिष्ठ महासचिव ने चुटकी लेते हुए कहा कि लगता है बकरा पूजा का टोटका उल्टा पड़ गया, क्योंकि जैसे ही इस टोटके को आजमाया गया वैसे ही मैडम (सोनिया गांधी) ने रेल मंत्री पर अंतिम निर्णय का मन बना लिया। इस टोटके से पहले तो इस मामले में निर्णय लगातार टलता ही जा रहा था।