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मोदियानो को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार

Fri, 10 Oct 2014 08:59 AM IST
Updated Fri, 10 Oct 2014 08:59 AM IST
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patrick modiano win nobel prize for literature.

अपने उपन्यासों व संस्मरणों में इंसान की नियति और उसकी जद्दोजहद को बयां करने वाले फ्रांसीसी साहित्यकार पैट्रिक मोदियानो को इस साल के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

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स्वीडिश एकेडमी ने बृहस्पतिवार को मोदियानो के नाम का ऐलान किया। इस प्रतिष्ठित सम्मान के संस्थापक अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि (दस दिसंबर) के मौके पर मोदियानो को बतौर पुरस्कार अस्सी लाख स्वीडिश क्रोनर (11 लाख अमेरिकी डॉलर यानी पौने सात करोड़ रुपये) दिए जाएंगे।
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पैट्रिक मोदियानो के नाम का ऐलान करते हुए एकेडमी ने कहा कि यह पुरस्कार मोडियानो को उनके संस्मरण कहने की कला के लिए दिया गया है, जिसके जरिए उन्होंने इंसान की नियति के उसके हाथ से फिसलने और उसकी रोजमर्रा की जद्दोजहद का वर्णन किया है।
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मोदियानो ने अपने ऐतिहासिक कई उपन्यासों में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर द्वारा फ्रांस पर कब्जे के दौरान नाजियों के बर्बर अत्याचार और ऐसे माहौल में जिंदगी के लिए जूझते इंसान की कहानी कही है।

अपने समय का मार्सेल प्राउस्ट

patrick modiano win nobel prize for literature.

बेल्जियन मां और यहूदी-इतालवी पिता के यहां 1945 में जन्मे मोदियानो की रचनाओं में गुमनामी, यादें, वजूद के लिए संघर्ष और अपराधबोध जैसे सभी मानवीय पहलू मिलते हैं।

69 साल के मोदियानो को पहली बार दुनिया ने तब जाना, जब उनका उनका उपन्यास ‘ला प्लास दे एल ईट्वायल’ प्रकाशित हुआ। उन्होंने तकरीबन 40 से ज्यादा उपन्यास और संस्मरण लिखे हैं, जिनमें ‘ए ट्रेस ऑफ मैलिस’, ‘रिंग ऑफ रोड्स’ और ‘हनीमून’ जैसी रचनाएं शामिल हैं।

हाल ही में उनका नवीनतम उपन्यास ‘पोर क्यू तो ने ते परदेस पेस डैंस ले क्वार्तियर’ प्रकाशित हुआ है। पिछले साल यह पुरस्कार कनाडाई लेखिका एलिस मुनरो को उनकी लघु कहानियों के लिए दिया गया।

अपने समय का मार्सेल प्राउस्ट
मोदियानो की अद्भुत लेखन क्षमता के लिए एकेडमी ने उन्हें ‘अपने समय का महान फ्रांसीसी लेखक मार्सेल प्राउस्ट’ करार दिया है। वे 11वें फ्रांसीसी साहित्याकार हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को हासिल किया है। अपने उपन्यास ‘मिसिंग पर्सन’ के लिए उन्हें 1978 में प्रतिष्ठित प्रिक्स गोनकोर्ट अवार्ड भी मिला। उन्होंने बच्चों के लिए भी किताबें लिखी हैं।

दौड़ में जापानी लेखक का नाम सबसे ऊपर
2014 के नोबेल साहित्य पुरस्कार के लिए जापानी लेखक हारूकी मुराकामी व अफ्रीकी लेखक नुगूगी वा थियोंगो का नाम सबसे ऊपर था, मगर मोदियानो ने बाजी मार ली।

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