15 दिन से लापता है ट्रेन, रेलवे में हड़कंप
पूर्वोत्तर रेलवे की एक पैसेंजर ट्रेन पिछले 15 दिनों से लापता है। ट्रेन की पूरी रैक के नहीं मिलने से रेलवे में हड़कंप मच गया है। अंदेशा जताई जा रही है कि रैक की बोगियों को समस्तीपुर मंडल में कई ट्रेनों में लगाकर चलाया जा रहा है।
25 अगस्त को घुघली रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी के इंजन समेत नौ वैगन पटरी से उतर गए थे। इसके चलते गोरखपुर पनियहवा रेल खंड पर यातायात बाधित हो गया और कई ट्रेनें निरस्त कर दी गईं। इसमें गोरखपुर-मुजफ्फरपुर पैसेंजर भी थी।
पटरियां दुरुस्त करके जब ट्रेनें चलाई जाने लगीं तो मुजफ्फरपुर पैसेंजर के लिए रैक ही नहीं मिली। सूत्रों के मुताबिक दो दिन तक यह ट्रेन नहीं चलाई गई। इसके बाद मरम्मत के लिए आई बोगियों का जुगाड़ करके इसे चलाया गया।
हाजीपुर स्टेशन पर मिली अंतिम लोकेशन
उधर, इस ट्रेन के रैक की खोजबीन की गई तो अंतिम लोकेशन हाजीपुर स्टेशन में मिली। सूत्रों का कहना है कि सोनपुर से कई पैसेंजर ट्रेनों में मुजफ्फरपुर पैसेंजर की बोगियां लगा दी गईं, लिहाजा रैक मिलने में काफी वक्त लग सकता है। इस चूक के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी, इस पर अधिकारी भी बोलने से कतरा रहे हैं।
पूर्व मध्य रेलवे के सीनियर डीओएम अरविंद कुमार ने बताया कि पैसेंजर ट्रेनों की बोगियां बदलती रहती हैं। मुजफ्फरपुर पैसेंजर की बोगियां भी दूसरी ट्रेनों में लग गई है। मरम्मत के लिए जब आएंगी तो इन्हें भेजा जाएगा।
हालांकि पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ का कहना है कि यह विभाग का आंतरिक मामला है। रेलवे की कोशिश रहती है कि यात्रियों को कोई दिक्कत न हो। अमूमन, बोगियों दूसरे जोन में चली जाती हैं।