{"_id":"1c213382-6ae6-11e2-a797-d4ae52bc57c2","slug":"partymen-should-exercise-restraint-in-their-speech-says-rajnath","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़बोले पार्टी नेताओं को राजनाथ ने दी नसीहत","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
बड़बोले पार्टी नेताओं को राजनाथ ने दी नसीहत
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jan 2013 07:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा की ओर से पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की मुहिम में जुटे नेताओं को पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने वाणी पर संयम रखने की नसीहत दी है। उन्होंने एनडीए के सहयोगी दलों में इस मसले को लेकर तेज होती बयानबाजी को देखते हुए पार्टी नेताओं से कहा कि इस तरह के मुद्दे पार्टी फोरम में ही उठाए जाने चाहिए।
विज्ञापन
इस बीच बुधवार को राजनाथ अपनी टीम के गठन को लेकर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से मिले। पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। राजनाथ फरवरी के अंत तक अपनी टीम का ऐलान करने की कोशिश में हैं।
विज्ञापन
इधर, पार्टी नेताओं को राजनाथ की इस नसीहत को पीएम उम्मीदवारी प्रकरण पर विराम देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन एनडीए में भाजपा के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने इस मामले को फिर से जिंदा कर दिया है।
विज्ञापन
अकाली दल के नेता और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने कहा कि भाजपा जिसे भी पीएम उम्मीदवार घोषित करेगी, अकाली दल को वह मान्य होगा। भाजपा के पीएम उम्मीदवार भले ही मोदी ही क्यों न हों अकाली दल उनका समर्थन करेगा।
इससे पहले राजनाथ ने पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से संयम बरतने व जनता का विश्वास जीतने के लिए जनसंघर्ष करने कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। पार्टीजनों को सलाह देते हुए कहा कि नेतागण अच्छी वाणी बोलें, उनमें संयम होना चाहिए।
दरअसल, मोदी को पीएम का उम्मीदवार बनाने की मांग पर यशवंत सिन्हा, राम जेठमलानी व सीपी ठाकुर के मैदान में उतरने के बाद यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था। इससे भाजपा व जदयू के बीच तीखी बयानबाजी होने की आशंका बनती जा रही थी। इसलिए राजनाथ ने इन बड़बोले नेताओं पर लगाम देने के लिए नसीहत दे दी। पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद वे दूसरी बार पार्टी मुख्यालय आए थे। वे लगभग दो घंटे तक रहे।