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पढ़िए शांता कुमार ने अमित शाह को ये क्या लिख दिया

Tue, 21 Jul 2015 08:46 AM IST
Updated Tue, 21 Jul 2015 08:46 AM IST
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Party hangs head in shame over Vyapam

व्यापम और राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक हुए घोटाले पर भाजपा सांसद शांता कुमार ने अपनी ही पार्टी की केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वरिष्ठ नेता ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर कहा कि अखबारों के पहले पेज और सभी चैनल जिस तरह की कहानियां लिख रहे हैं उससे किसी भी भारतीय का निराश हताश होना स्वभाविक है।

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भाजपा के कार्यकर्ता आज सिर झुका कर चल रहे हैं। भाजपा सांसद शांता कुमार ने अमित शाह को लिखे दो पेज के पत्र में कहा बड़ी शान के साथ पार्टी अपनी एक साल की उपलब्धियों का जश्न मना रही है कि अचानक राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक भाजपा की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही है। मप्र के व्यापम घोटाले ने हम सब का सिर शर्म से नीचा कर दिया है।
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उन्होंने लिखा मुझे याद है 1951-52 में भारतीय जनसंघ बनने के बाद सबसे अधिक जोर मूल्य आधारित राजनीति पर दिया जाता था। हम धीरे धीरे सत्ता में आए। सत्ता में आने पर बहुत कुछ बदला। मूल्यों की राजनीति से भी कहीं कहीं सत्ता की राजनीति में समझौते करने शुरू किए।
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उस सब के बाद भी हम बाकी राजनीतिक दलों की तुलना में अलग दिखते रहे। लेकिन सत्ता की राजनीति में अलग पहचान वाली हमारी पार्टी की पहचान को धीरे-धीरे धूमिल करने की कोशिश अवश्य की गई।

कार्रवाई न हुई तो इतिहास माफ नहीं करेगा

Party hangs head in shame over Vyapam

उन्होंने लिखा कि केन्द्र में कांग्रेस की 10 साल की सरकार से देश की जनता निराश थी। ऐसे में नरेन्द्र मोदी के व्यक्तिगत जीवन का प्रकाश और गुजरात के विकास की कहानी सब ओर फैली। उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने से पूरे देश में आशा की किरण जगी। लेकिन व्यापम घोटाले के आरोप से पार्टी की छवि पर दाग लग रहा है।

हमारी ही गलती रही कि समय रहते हुए इन मामलों पर पता होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसका खामियाजा पार्टी को देश भर में चुकाना पड़ रहा है। शांता ने कहा कि पार्टी पर कई प्रदेशों में आरोप लग रहे हैं।

अगर समय रहते इन आरोपों की जांच की गई होती तो आज हालात कुछ और होते। अगर हम इसे रोकने में सफल न रहे तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा।

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