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सोशल मीडिया पर पार्टियों का उमड़ता प्रेम

Thu, 27 Mar 2014 01:38 PM IST
रीता तिवारी/ अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
रीता तिवारी/ अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Updated Thu, 27 Mar 2014 01:38 PM IST
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Parties on Social media

लोकसभा चुनावों के मौके पर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक दलों में सोशल नेटवर्किंग साइटों के प्रति प्रेम अचानक उछाल मारने लगा है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत पार्टी के ज्यादातर नेता और उम्मीदवार फेसबुक और ट्विटर जैसी साइटों पर सक्रिय हो गए हैं।

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इसकी बढ़ती पहुंच और लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए अब वामपंथी दल भी इसकी शरण में आ गए हैं। अस्सी के दशक में जिन वामपंथियों ने कंप्यूटर के विरोध में आसमान सिर पर उठा लिया था, अब मौके की नजाकत को समझते हुए वही इसे गले से लगा रहे हैं।
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद और सोशल मीडिया पर सबसे सक्रिय नेताओं में शुमार डेरेक ओ ब्रायन कहते हैं, ‘यह एक ताकतवर हथियार है जो आपको लोगों की बातों और सुझावों से भी अवगत कराता है।
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तृणमूल कांग्रेस है आगे

Parties on Social media

यह संचार का दोतरफा माध्यम है। राज्य में सोशल मीडिया के इस्तेमाल में तृणमूल कांग्रेस दूसरे दलों के मुकाबले आगे हैं। पार्टी ने ममता फॉर इंडिया नामक एक वेबसाइट भी शुरू की है।

इसके अलावा उसने यू-ट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर पार्टी का आधिकारिक अकाउंट भी खोल लिया है। देर से ही सही, लेकिन सीपीएम भी अब इस होड़ में शामिल हो गई है।

वैसे, पार्टी के कुछ नेता तो पहले से ही इन माध्यमों पर सक्रिय थे। लेकिन सीपीएम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी नई पारी शुरू की है। सीपीएम के प्रदेश सचिव बिमान बसु कहते हैं, ‘देर आए दुरुस्त आए। हमने भी इस माध्यम को अपना लिया है।’

इसलिए बढ़ा चलन

Parties on Social media

राजनीति में सोशल मीडिया का चलन बढ़ने का राज 2011 की जनगणना के आंकड़ों में छिपा है। बंगाल के दो करोड़ घरों में से 8.3 फीसदी में कंप्यूटर हैं और 42.9 फीसदी लोग सेलफोन का इस्तेमाल करते हैं।

राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी 5.1 फीसदी यानी 1.37 करोड़ घरों में कंप्यूटर हैं और 34.4 फीसदी लोग सेलफोन का इस्तेमाल करते हैं। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनावों के समय राज्य के इक्का-दुक्का नेता ही कंप्यूटर का इस्तेमाल करना जानते थे।

लेकिन अब वही नेता सोशल मीडिया के जरिए युवा वोटरों को लुभाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।

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