धर्म परिवर्तन के मसले पर संसद में हंगामा
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 200 से ज्यादा मुस्लिमों के जबरन धर्म परिवर्तन करवाए जाने के मामले ने एक बार फिर से संसद के माहौल को गर्मा दिया है। जहां एक ओर विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है वहीं संसदीय कार्यमंत्री वैंकेय्या नायडू का कहना है कि वो चर्चा के लिए तैयार हैं।
जानकारी के मुताबिक आगरा के बाद अब 25 दिसंबर को अलीगढ़ में धर्म परिवर्तन कायर्क्रम की तैयारी की चर्चा हो रही है। इसी को लेकर आज विपक्ष सदन में लामबंद हो गया और इसे कानून के खिलाफ बताया।
जहां भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ इसे महज घर वापसी बता रहे हैं वहीं कांग्रेस समेत सीपीआई के कई नेता इसे देश के कानून के खिलाफ बता रहे हैं। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि यह सब देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को तोड़ने जैसा है। गौरतलब है कि आगरा के बाद अब 25 दिसंबर को अलीगढ़ में धर्म परिवर्तन कायर्क्रम की तैयारी की चर्चा है।
कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हर भारतीय को अपनी मर्जी के मुताबिक धर्म चुनने की आजादी है, लेकिन अगर किसी को कोई धर्म अपनाने और स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जाता है तो यह कानून का उल्लंघन है।
कांग्रेस लगा रही आरोप भाजपा कह रही घर वापसी
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह एक संवैधानिक अधिकार है कि हर भारतीय अपनी मर्जी का धर्म चुन सकता है, लेकिन लोगों को अपने धर्म में परिवर्तन करने के लिए बहकाना अपराध है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि संघ और भाजपा के पास धर्म के नाम पर देश के लोगों को बांटने का एक ही एजेंडा रहा है। इसी बीच सुरक्षा के मद्देनजर संघ के आगरा स्थित कार्यालय में मुस्तैदी बढ़ा दी गई है।
घर वापसी बता रहे हैं आदित्यनाथ
वहीं योगी आदित्यनाथ का कहना है कि इसे आप परिवर्तन कह सकते हैं, घर वापसी कह सकते हैं, इसे किसी अन्य तरीके से नहीं देखना चाहिए। योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अगर कोई अपनी भूल सुधारकर स्वेच्छा से घर वापसी करना चाहता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
सीपीआई नेता येचुरी भी कर रहे हैं विरोध
वहीं सीपीआई नेता सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ है।
विनय कटियार का अब्दुल्ला पर निशाना, मायावती भी गर्म
जब एक पत्रकार ने भाजपा नेता विनय कटियार से पूछा कि आप कह रहे हैं कि उमर अब्दुल्ला तीन पीढ़ी पहले हिंदू थे। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "थे न, फारूख अब्दुल्ला बता देंगे उनके पिता जी का क्या नाम था।"
वहीं राज्य की सपा सरकार पर बरसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि इस वक्त सपा सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो भाजपा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और उस संगठन के खिलाफ भी जो इस तरह के धर्म परिवर्तन के जरिए सांप्रदायिकता फैलाता है।
वहीं वैंकेया नायडू ने कहा कि हम सहमत हैं कि धर्मपरिवर्तन विरोधी कानून लाया जाना चाहिए, अगर सदन की इच्छा है तो हम इस मु्द्दे पर बातचीत करेंगे।
वहीं भाजपा नेता साक्षी महराज ने कहा कि विपक्ष के पास फिलहाल कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वो आधारहीन मुद्दों को उठा रहे हैं, उन्होंने कहा कि किसी को भी धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं किया गया है।