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असहिष्णुता पर संसद में आज भिड़ेंगे सरकार और विपक्ष

Mon, 30 Nov 2015 06:15 AM IST
Updated Mon, 30 Nov 2015 06:15 AM IST
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Parliament session on intolerance

आर्थिक सुधारों से जुड़े बिलों का बेड़ा पार लगाने के लिए विपक्ष से मेलजोल बढ़ाने में जुटी मोदी सरकार की सोमवार से अग्नि परीक्षा की शुरुआत होगी। सोमवार को लोकसभा में तो संभवत: मंगलवार को राज्यसभा में सरकार को देश में बढ़ती असहिष्णुता पर विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना पड़ेगा।

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विपक्ष ने जहां विवादास्पद बयान देने वाले मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करने की रणनीति बनाई है, वहीं सरकार ने आंकड़ों के जरिए विपक्ष पर पलटवार की नीति बनाई है। लोकसभा में असहिष्णुता पर चर्चा कराने संबंधी कांग्रेस और माकपा के नोटिस को स्पीकर ने स्वीकार कर लिया है।
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राज्यसभा में कांग्रेस, माकपा और जदयू ने नियम 267 के तहत चर्चा कराने का नोटिस दिया है। चूंकि इस सदन में संविधान दिवस पर सोमवार को भी चर्चा जारी रहेगी, इसलिए संभवत: मंगलवार को ऊपरी सदन असहिष्णुता के सवाल पर सरकार और विपक्ष के बीच वार पलटवार का गवाह बनेगा।
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विपक्ष ने हमले तो सरकार ने जवाबी हमले की बनाई रणनीति

Parliament session on intolerance

बढ़ती असहिष्णुता के सवाल पर विपक्ष उन मंत्रियों को अपने हमले की जद में लेगा, जिनके हालिया बयानों से बड़ा विवाद खड़ा हुआ है। इनमें दलित बच्चों को जलाकर मारने की घटना पर विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह, दादरी में गोमांस खाने के शक में युवक की हत्या मामले में पर्यटन राज्य मंत्री महेश शर्मा, गोमांस खाने वालों को पाकिस्तान भेजने की बात करने वाले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के अलावा तीन और मंत्री और कुछ सांसद विपक्ष के निशाने पर होंगे।

विपक्ष सरकार पर इन मंत्रियों और सांसदों को विवादास्पद बयान मामले में शह देने और सांप्रदायिक सद्भाव को तहस नहस करने की साजिश रचने का आरोप लगाएगा। सरकार ने भी विपक्ष के संभावित आरोपों के जवाब में आंकड़ों से पलटवार करने की रणनीति बनाई है।

इसके तहत गृह मंत्रालय से मोदी सरकार के डेढ़ साल और यूपीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों के अलावा अन्य अपराधों की सूची तैयार की है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अपराधों की संख्या यूपीए सरकार की तुलना में कम हैं। इसके अलावा सांप्रदायिक सद्भाव खत्म करने की साजिश जैसे अपराध ज्यादातर गैर राजग शासित राज्यों में हुए हैं। सरकार अपने बचाव में इन आंकड़ों को ही ढाल बनाएगी।

राज्यसभा में विपक्ष की ज्यादा मजबूत रणनीति
उच्च सदन में विपक्ष अपने बहुमत का फायदा उठाना चाहता है। कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा की ओर से भय का माहौल पैदा करने के लिए कथित अभियान चलाए जाने संबंधी विषय पर चर्चा की मांग गई है। हालांकि सोमवार को संविधान दिवस पर चर्चा जारी रहने के कारण उच्च सदन में संभवत: मंगलवार को असहिष्णुता पर चर्चा शुरू की जाएगी।

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