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आंखों देखीः नसें काटने, संसद में सांप छोड़ने की योजना थी
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 13 Feb 2014 01:57 PM IST
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गुरुवार सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की शुरुआत हुई तेलगांना बिल के समर्थक व विरोधी सांसद बेल में आ गए। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। पौने बारह बजे ये सांसद फिर सदन के अंदर आ गए और करीब 12 बजे ये सभी स्पीकर के आसन के आसपास पहुंच गए।
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कागज फाड़े, माइक तोड़ा
इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को तेलंगाना गठन संबंधी विधयेक पेश करने को कहा, इस बीच टीडीपी सांसद वेणुगोपाल रेड्डी ने लोकसभा महासचिव के सामने रखा कागज फाड़ दिया और अध्यक्ष्ा और महासचिव के सामने रखा माइक भी तोड़ दिया।
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इस बीच कुछ सांसद बिल की प्रति फाड़ने के लिए गृहमंत्री शिंदे की ओर लपके, लेकिन वहां मौजूद कांग्रेसी सांसदों ने घेरा बना रखा था। इसके चलते ये सांसद शिंदे तक नहीं पहुंच पाए।
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इसी बीच बेल में ही जमे कांग्रेस के निष्कासित सांसद एल राजगोपाल ने वहां मिर्च स्प्रे करना शुरू कर दिया। इससे सदन में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। कई सांसद राजगोपाल और वेणुगोपाल रेड्डी की ओर लपके। तभी मौका पाकर सांसद वेणुगोपाल रेड्डी ने जेब से चाकू निकाला और महासचिव की टेबल का शीशा तोड़ दिया।
वहीं, कुछ सांसदों ने राजगोपाल से स्प्रे छीनने का प्रयास किया और उनके बीच हाथापाई की नौबत आ गई। सांसदों ने राजगोपाल की जमकर पिटाई की। इसी दौरान मार्शल भी बेल में आ चुके थे। तब तक स्प्रे ने असर दिखाना शुरू कर दिया था और करीब 12 सांसदों को चेहरे, नाक, आंखों में जलन महसूस होने लगी। वहीं, सदन, दर्शक दीर्घा और पत्रकार दीर्घा में बैठे पत्रकारों का खांस-खांसकर हाल बेहाल हो गया।
अफरा-तफरी के इस माहौल के बीच सदन स्थगित कर दिया गया। इसी बीच कई सांसदों की हालत और खराब हो गई और तत्काल तीन एंबुलेस बुलाई गईं, जिनमें कि आठ-नौ सांसदों को राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।
इस गहमागहमी के माहौल में लोकसभा सचिवालय को तेलंगाना संबंधी बिल पेश हुआ या नहीं, इसकी जानकारी देने में एक घंटे का समय लगा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि स्पीकर खुद मिर्च स्प्रे की चपेट में आ गई थीं।
माहौल गर्माने की थी योजना
तेलंगाना विरोधी कई सांसदों की योजना सदन का माहौल गर्माने की थी। इसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन ऐन मौके पर उन्होंने अपनी रणनीति बदल ली। टीडीपी के सांसद डॉ. एनशिवाराव ने घर पर सांप मंगा रखे थे। वहीं सांसद रेड्डी की योजना खुद के हाथ की नसें काटे जाने व कपड़े उतारने की भी थी।
सदन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी के चलते डॉ. शिवाराव सदन में सांप नहीं ले जा पाए और अंतिम समय में मिर्च स्प्रे किए जाने व हाथ की नस काटे जाने की योजना बनी। स्प्रे के बाद मचे हडकंप के चलते सांसद रेड्डी अपना हाथ नहीं काट पाए।