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संसद ठप, चौथे दिन भी नहीं हुआ कोई काम
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 28 Nov 2012 12:46 AM IST
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विपक्ष और सरकार के सहयोगी दलों के हंगामे के कारण संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी कोई कामकाज नहीं हुआ। दोनों सदनों में मंगलवार को भी खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई-रिटेल), टूजी स्पैक्ट्रम पर पूर्व कैग अधिकारी के आकलन पर सवाल उठाने और सब्सिडी आधारित रसोई गैस सिलेंडर की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दों का कोहराम मचा रहा।
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इसके चलते दो दफा स्थगन के बाद लोकसभा और एक बार स्थगन के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के दोनों सदनों की अगली बैठक अब बृहस्पतिवार को होगी क्योंकि बुधवार को गुरुनानक देव जयंती के कारण अवकाश है। एफडीआई पर संसद में बहस के नियम पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी रस्साकशी के चलते इस सप्ताह सदन चलने की उम्मीद कम ही है।
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लोकसभा में सुबह अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन को दिवंगत सदस्य हरिकेवल प्रसाद और ताराचंद साहू के निधन की जानकारी दी। सदन ने कुछ पल मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ तृणमूल कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। वे सब्सिडी आधारित रसोई गैस सिलेंडरो की संख्या 24 किए जाने की मांग कर रहे थे।
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प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेतृत्व में एनडीए के दल अपने स्थान से एफडीआई रिटेल वापस लो के नारे लगा रहे थे। वहीं द्रमुक सदस्य भी टूजी स्पेक्ट्रम के मुद्दे पर कैग के पूर्व अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए।
वाम दल भी खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर सदन में नियम 184 के तहत चर्चा कराने की मांग करते देखे गए। इस बीच अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। शोर शराबा थमता नहीं देख मीरा ने सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी। बारह बजे दुबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी लोकसभा में सुबह जैसा ही नजारा बना रहा।
लिहाजा सभापति पीसी चाको ने संसदीय कामकाज निपटाकर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दो बजे फिर से बैठक शुरू होने पर भी स्थिति यथावत थी और उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा में भी इन तमाम मुद्दों पर हंगामा हुआ। दो बजे के बाद दिन भर के लिए सदन स्थगित कर दिया गया।