'नेताओं पर जोक्स में कोई बुराई नहीं'
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पर्दे पर हास्य अभिनेता और वास्तविक जीवन में नेता बन चुके परेश रावल नेताओं का मजाक उड़ाने को गलत नहीं समझते। हाल ही में जया बच्चन ने राज्य सभा में कहा था कि रेडियो जॉकी जिस तरह की भाषा इस्तेमाल करते हैं और नेताओं का मज़ाक उड़ाते हैं, उस पर अंकुश लगाना चाहिए।
लेकिन अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के सांसद परेश रावल उनकी इस बात से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते। परेश रावल कहते हैं, "मुझे नहीं लगता इसकी ज़रूरत है।
हर एक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। भई मैं तो कलाकार हूं और मुझे इसमें कुछ भी ग़लत नज़र नहीं आता।"
गौरतलब है कि परेश रावल ने हाल ही में 2014 लोकसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर गुजरात से अपना भाग्य आजमाया था और पहली ही बार में उनको जनता ने सांसद भी चुन लिया।
परेश फिल्मों में भी सक्रिय हैं। वह इस शुक्रवार को रिलीज़ हो रही फिल्म 'राजा नटवरलाल' में अहम भूमिका में दिखेंगे। इसमें इमरान हाशमी और पाकिस्तानी अभिनेत्री हुमैमा मलिक भी दिखेंगी।
वैसे परेश खुद भी कई फिल्मों दमदार हास्य किरदार अदा कर चुके हैं। और अपने फिल्मी कैरियर में वह एक कलाकार के तौर पर सेलिब्रिटीज का मजाक पर्दे पर उड़ाते रहे हैं। फिल्मों के साथ-साथ परेश पर अब राजनीतिक सक्रियता की जिम्मेदारी भी आ गई है।
नसीर और आमिर से हैं प्रभावित
परेश रावल ने कॉमेडी में अपनी अलग छाप छोड़ी है लेकिन वो अपने आपको बहुमुखी प्रतिभा वाला कलाकार कहलवाना चाहते हैं। तभी तो वे कहते हैं, "नसीरुद्दीन शाह ने जैसी ख्याति अर्जित की, मैं वैसा कलाकार बनना चाहता हूं।"
परेश रावल ने कहा कि उन्हें फिलहाल कपिल शर्मा की कॉमेडी बहुत पसंद है। इस सवाल पर क्या परेश रावल क्या कभी टीवी पर आना चाहेंगे?
इसके जवाब में वे कहते हैं, "जब मुझे लगेगा कि मैं कोई बात थिएटर या फिल्म के माध्यम से नहीं कह पा रहा हूं तो टीवी भी करूंगा।"वैसे परेश रावल टीवी पर आमिर ख़ान के शो 'सत्यमेव जयते' को अच्छी पहल मानते हैं।
वे कहते हैं, "अहम बात ये है कि आमिर जैसा बंदा जब ऐसे गंभीर विषय उठाता है तो लोग सुनते हैं। कोई अन्य कलाकार ये बातें कहेगा तो कोई नहीं सुनेगा।"