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अर्द्धसैनिक बलों के किचन पर एलपीजी कैप की मार
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 01 Apr 2013 08:47 PM IST
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सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित होने से आम आदमी ही नहीं बल्कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी और एनएसजी जैसे अर्द्धसैनिक बलों के किचन भी प्रभावित हो रहे हैं।
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यही कारण है कि उन्होंने राहत के लिए गृह मंत्रालय से गुहार लगाई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नए नियमों के चलते अर्द्धसैनिक बलों के आठ लाख से भी ज्यादा सैनिक प्रभावित हो रहे हैं।
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एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘सब्सिडी वाले सिलेंडरों के नए कैप से अर्द्धसैनिक बलों के किचन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई बार ऐसे मौके आए हैं, जब हमें गैस बचाने के लिए बड़े कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं।’ गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने उन्हें मदद का पूरा आश्वासन दिया है।
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शिंदे ने कहा, ‘मैं संबंधित लोगों से इस बारे में बात करूंगा और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में अपने समकक्ष के सामने भी यह मुद्दा उठाऊंगा। हम देखेंगे कि उन्हें मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाया जाए या फिर अर्द्धसैनिक बलों को मिलने वाले राशन भत्ते में बढ़ोतरी की जाए।’
अर्द्धसैनिक बलों का कहना है कि उनकी रसोई देश भर में कई स्थानों पर फैली हुई है और नए नियमों के तहत उन्हें सिर्फ एक महीने में सब्सिडी वाले सिर्फ नौ सिलेंडर मिलते हैं। यह संख्या काफी नहीं है क्योंकि उन्हें एक कंपनी (100 जवान) से लेकर बटालियन (एक हजार जवान) तक का खाना पकाना पड़ता है।