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परमवीर चक्र विजेता से शांति भंग का डर!

Mon, 18 Aug 2014 01:04 PM IST
Updated Mon, 18 Aug 2014 01:04 PM IST
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param vir chakra_yogendra singh_uttar pradesh

उत्तरप्रदेश में औरंगाबाद अहीर निवासी परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव को पुलिस ने जमीन विवाद में शांति भंग की आशंका में पाबंद करा दिया।

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योगेंद्र सिंह ने कारगिल युद्ध में 19 गोलियां झेलकर कारगिल की चोटी पर तिरंगा फहराया था।

उन्हें पुलिस कार्रवाई का पता तब चला, जब एसडीएम कोर्ट का नोटिस मिला। योगेंद्र सिंह यादव वर्तमान में बरेली में सेना में सुबेदार के पद पर तैनात हैं। गांव औरंगाबाद अहीर में एक साल पहले जमीन पर योगेंद्र सिंह के भाइयों जितेंद्र यादव, देवेंद्र यादव, तहेरे भाई रामबल सिंह यादव का उनकी जमीन को लेकर विवाद था।

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कारगिल युद्घ के लिए मिला था चक्र

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पुलिस ने शांति भंग की आशंका में 107/16 की कार्रवाई की रिपोर्ट एसडीएम को भेजी। जिसमें योगेंद्र सिंह यादव का नाम भी था।

योगेंद्र की मां संतरा देवी और भाई देवेंद्र यादव के अनुसार योगेंद्र उन दिनों फौज में बरेली में इंस्पेक्टर (ट्रेनर) थे।

कोर्ट के नोटिस को लेकर योगेंद्र सिंह गुलावठी के एसओ से भी मिले है। एसओ ने बताया कि किसी दरोगा की गलती से उनका नाम चढ़ गया है। अब मामले में 22 अगस्त 2014 की तारीख है और योगेंद्र सिंह का नाम मामले में बदस्तूर चल रहा है।

बता दें कि योगेंद्र सिंह यादव को कारगिल युद्ध में अदम्य साहस के लिए सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र प्रदान किया गया था। कारगिल युद्ध के बाद योगेंद्र सिंह को विशेष ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भी भेजा गया था। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव उनके गांव आकर योगेंद्र को सम्मानित भी कर चुके हैं।

सभी का कहना, 'हुई गलती'

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जिस समय शांति भंग की धारा लगाई गई, मैं सेना में बरेली में इंस्पेक्टर (ट्रेनर) तैनात था। मैं एसओ कौशलेंद्र सिंह से मिला तो उन्होंने कहा कि मेरा नाम पूर्व में तैनात किसी दरोगा की गलती से चढ़ा है। मेरा नाम जल्द ही हटवा दिया जाएगा। यहीं नहीं मैं डीएम से मिला था। शांतिभंग की धारा मेरे भाई जितेंद्र पर भी लगाई गई थी। वह उस समय कपूरथला में सेना में नायाब सुबेदार के पद पर तैनात था।
- योगेंद्र सिंह यादव, सुबेदार

योगेंद्र सिंह का नाम किसी दरोगा की गलती से लिखा गया है। योगेंद्र सिंह मामले में मुझसे मिले हैं और उनके उच्च अधिकारी का भी फोन आया था। यह मामला पूर्व एसओ के कार्यकाल का है।
- कौशलेंद्र सिंह यादव, एसओ, गुलावठी

मामले की जानकारी करता हूं। यदि ऐसा है तो मामला गंभीर है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
 -राजेश कुमार, एसपी सिटी

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