'देश की अखंडता पर हमला है अलग HSGPC'
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अलग हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एचएसजीपीसी) के गठन पर बढ़ते विवाद के बीच पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। उन्होंने हरियाणा सरकार के अलग एसजीपीसी के गठन के फैसले को देश की अखंडता पर हमला करार दिया।
अकाली दल के नेता ने कहा कि हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जो देश की राष्ट्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाएगा। यह देश की एकता पर हमला है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने भारत सरकार के अधिकारों को चुनौती है। उन्होंने भारतीय संविधान के हर शब्द और हर अनुच्छेद का उल्लंघन किया है। वे लोग कुछ ऐसा कर रहे हैं जो इस देश के इतिहास के लिए अकल्पनीय है।
बादल का मैदान पर उतरकर संघर्ष का ऐलान
सुखबीर का यह बयान केंद्र के निर्देशों को दरकिनार कर समानांतर एसजीपीसी के गठन के हरियाणा सरकार के फैसले के चलते आया है।
अकाली दल सूत्रों का कहना है कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस मसले पर मैदान पर उतरकर संघर्ष करने का ऐलान किया है और संभवत: इस लड़ाई के लिए वह अपने पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं।
पंजाब सरकार का कहना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) देश के सभी अहम सिख गुरुद्वारों का प्रबंधन करती है। इसे 1925 के केंद्रीय गुरुद्वारा एक्ट के गठित किया गया था और हरियाणा को अलग से एसजीपीसी बनाने का कोई कानूनी हक नहीं है।