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महाराष्ट्र: चिक्की घोटाले में बोली पंकजा, हुई है गलती

Sat, 18 Jul 2015 10:25 PM IST
Updated Sat, 18 Jul 2015 10:25 PM IST
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pankaja munde has regarded by mistake

एक ही दिन में 206 करोड़ रुपये का ठेका देकर विवादों में आई महाराष्ट्र की महिला व बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने स्वीकार किया है कि ठेके में उनके विभाग से कुछ गलती हुई है। हालांकि उन्होंने इसमें घोटाले जैसे आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है।

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उन्होंने विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह माना कि एकात्मिक बाल विकास योजना में दिए गए चिक्की और खिचड़ी के ठेके में पुरानी पद्धति का अनुकरण किया गया जबकि एक करोड़ रुपये से अधिक ठेके की यह प्रक्रिया अब बंद की जा चुकी है।
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महाराष्ट्र में विपक्षी दल ने पंकजा मुंडे पर 206 करोड़ रुपये के चिक्की घोटाले का आरोप लगाया है जबकि इस मामले में पंकजा मुंडे खुद को पाक साफ बताती रही हैं।
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अब विधानसभा में सवालों के लिखित उत्तर में पंकजा मुंडे ने स्वीकार किया कि चिक्की कई मायने में पैमाने पर खरी नहीं उतरी है। सरकार ने इसे वापस लेने का फैसला किया है।

कहा, पुरानी प्रक्रिया के तहत दिया गया था ठेका

pankaja munde has regarded by mistake

पंकजा का यह जवाब बांबे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान नोटिस जारी करने के बाद आया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय, बाल विकास योजना आयुक्त समेत सात ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। पंकजा ने कहा है कि कुछ हद तक यह सही है कि सरकार ने रेट कांट्रैक्ट सिस्टम बंद कर दिया है।

इस सिस्टम के तहत सामान की दर और ठेकेदार का चयन सरकार ही करती है। बता दें कि भाजपा की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने ही बीते अप्रैल महीने में एक करोड़ रुपये से अधिक की डील या पांच करोड़ रुपये तक के सालाना ठेके में रेट कांट्रैक्ट सिस्टम को खारिज कर दिया था।

लेकिन, पंकजा मुंडे ने इसी रेट कांट्रैक्ट के तहत एक ही दिन में 206 करोड़ रुपये का ठेका आवंटित कर दिया। उसके बाद से वह विपक्ष के निशाने पर हैं और इससे सरकार की भी किरकिरी हो रही है।

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