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गरीबों को दिया जाए चावल 3 रुपये व गेहूं 2 रुपये किलो

Thu, 17 Jan 2013 11:48 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 17 Jan 2013 11:48 PM IST
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Panel for wheat at Rs 3 rice at Rs 2 to all beneficiaries

संसदीय समिति ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत देश की 67 फीसदी आबादी को सस्ती दर पर अनाज मुहैया कराने की सिफारिश की है। समिति का कहना है कि इस आबादी को हर महीने प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम अनाज बेहद सस्ती दर पर दिया जाना चाहिए।

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लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि लाभार्थियों को चावल तीन रुपये किलो, गेहूं दो रुपये किलो और मोटा अनाज एक रुपये किलो की दर पर दिया जाना चाहिए। खाद्य, उपभोक्ता मामलों और जन वितरण पर स्थायी समिति के प्रमुख विलास मुत्तेमवार ने कहा कि हमने सुझाव दिया है कि केवल एक ही श्रेणी बनाई जानी चाहिए। सभी लाभार्थियों को हर माह पांच किलो अनाज दिया जाना चाहिए।
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संसदीय समिति की यह सिफारिश सरकार की ओर से तैयार खाद्य सुरक्षा विधेयक के प्रावधान से काफी अलग है। बिल में लाभार्थियों की दो श्रेणियां प्राथमिक और सामान्य बनाई गई हैं। यह बिल दिसंबर 2011 में लोकसभा में पेश किया गया था।
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मुत्तेमवार ने बताया कि संसदीय समिति की रिपोर्ट पर माकपा नेता टीएन सीमा को छोड़कर समिति के सभी सदस्य एकमत थे। सीमा ने असहमति का पत्र दिया था। समिति ने विधेयक में मौजूद उस प्रावधान से सहमति जाहिर की है, जिसमें ग्रामीण इलाकों की 75 फीसदी आबादी और शहरी क्षेत्रों की 50 फीसदी आबादी को इसके दायरे में रखने का प्रस्ताव है।

सरकार के विधेयक में प्राथमिक श्रेणी के परिवारों को हर महीने सात किलोग्राम चावल और गेहूं क्रमश: तीन रुपये और दो रुपये प्रति किलो की दर से देने का प्रस्ताव है। वहीं, सामान्य श्रेणी के परिवारों को तीन किलो अनाज न्यूनतम समर्थन मूल्य से आधी दर पर मुहैया कराने की बात है।

मौजूदा स्थिति
अभी बीपीएल परिवारों को सात किलो गेहूं 4.15 रुपये प्रति किलो और चावल 5.65 रुपये प्रति किलो की दर से प्रति माह मिल रहे हैं।

सिफारिशें मान सकती है सरकार
संसदीय समिति की सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार इनमें से कुछ सिफारिशों को मान सकती है क्योंकि वह भी बिल में कुछ इसी तरह के बदलाव करने पर विचार कर रही है।


सामान्य श्रेणी को होगा फायदा
संसदीय समिति की सिफारिशें मानी गईं तो सामान्य श्रेणी में आने वाली आबादी को फायदा होगा, उसे पहले प्रस्तावित तीन किलो के बजाय पांच किलो अनाज मिलेगा, जबकि यह उसे पहले प्रस्तावित दर से सस्ती दर पर भी मुहैया होगा। लेकिन बीपीएल परिवार के सदस्यों को बिल में प्रस्तावित अनाज से कम मात्रा में अनाज मिलेगा। यानी सात किलो प्रति व्यक्ति से घटकर यह पांच किलो प्रति व्यक्ति रह जाएगा।

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