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न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत, दलित था रोहित वेमुला: पुनिया

Thu, 25 Aug 2016 11:09 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 25 Aug 2016 11:09 PM IST
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Panel finding that Rohith was not Dalit totally wrong: Punia
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया ने गुरुवार को रोहित वेमुला मामले में न्यायिक आयोग की उस रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत ठहराते हुए कहा कि रोहित वेमुला दलित था।
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पीएल पुनिया ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और जिलाधिकारी ने अलग-अलग जांच में इस तथ्य की पुष्टि की थी कि रोहित वेमुला दलित समुदाय से आता है नाकि अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से। 
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संवाददाताओं से बात करते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि जिन मुद्दों को कांग्रेस ने उठाया था उसको दरकिनार कर यह रिपोर्ट दी जा रही है कि वह दलित नहीं था। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के मंत्री इस मामले में पहले ही दिन से चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे थे कि रोहित दलित नहीं ओबीसी है, और यह न्यायिक आयोग बनाया ही इसलिए गया था कि भाजपा के इन मंत्रियों की बातों को सही साबित कर दिया जाए।
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रोहित की मौत के लिए कौन लोग जिम्मेदार थे?

Panel finding that Rohith was not Dalit totally wrong: Punia

कांग्रेस से सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि रोहित ने जो आत्महत्या किया वो बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद था। पुनिया ने पीटीआई से कहा कि आयोग का गठन यह पता लगाने के लिए किया गया था कि रोहित वेमुला ने आत्महत्या क्यों की और उसकी मौत के लिए कौन लोग जिम्मेदार थे, लेकिन आयोग दिये गये काम को करने के बजाय वेमुला की जाति का पता लगाने की कोशिश कर रहा था जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

गौरतलब है कि वेमुला की खुदकुशी को लेकर देशभर में भड़के आक्रोश के बीच घटना के कारणों की जांच के लिए रूपनवाल आयोग का गठन किया गया था।

रूपनवाल आयोग ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट यूजीसी को दी है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि रोहित वेमुला दलित नहीं, बल्कि अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से था। 

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