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पंचायत का तुगलकी फरमान, दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद

Fri, 24 Jul 2015 12:10 AM IST
Updated Fri, 24 Jul 2015 12:10 AM IST
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Panchayat Boycott two families in Agra.

आगरा के थाना कागारौल के गांव जैंगारा में पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया। मकान पर कब्जे का विरोध करने वाले दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर दिया। आटा-दूध से लेकर बच्चों के स्कूल जाने तक पर पाबंदी लगा दी। मदद करने गांव का कोई व्यक्ति आएगा तो उसे भी 1100 रुपये के जुर्माने से दंडित करने का फरमान सुनाया गया।

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दबंगों की दहशत के आगे कोई बोलने को तैयार नहीं है। पीड़ित पांच दिन से घर में कैद रहने को मजबूर हैं। गुरुवार को दोनों परिवार की महिलाएं और अन्य लोग एसएसपी आफिस पहुंचे और कार्रवाई की गुहार लगाई।
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गांव के शिव सिंह और भरत सिंह रिश्तेदार हैं। दोनों ने गांव के बल्देव (परिवर्तित नाम) से सन 1998 में मकान का बैनामा कराया था। दोनों ने आधा-आधा हिस्सा अपने नाम कराया था। बल्देव ने मकान खाली नहीं किया। इस पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद सन 2001 में पुलिस ने मकान पर कब्जा दिलाया। नवंबर 2014 में बल्देव के बेटे की मौत हो गई।

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मकान पर जबरन कब्जे का आरोप

Panchayat Boycott two families in Agra.

शिव सिंह की पत्नी तुलसा देवी का आरोप है कि बल्देव ने बेटे की मौत की बात कहते मकान में कुछ दिन फिर रहने का आग्रह किया था। उन्होंने मकान में रहने दिया। इसके बाद से वह मकान को खाली नहीं कर रहा है। जून में बल्देव पक्ष से मकान खाली करने को बोला तो उन्होंने दबंगई शुरू कर दी।

दो जुलाई को मामले की शिकायत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से की। एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने लेखपाल से जांच कराई। अवैध कब्जे की बात सामने आने पर अधिकारी मकान खाली कराने पहुंचे, लेकिन आरोपी पक्ष ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस पर टीम को वापस लौटना पड़ा।

इसके बाद दबंग ने मकान के एक हिस्से में खाली जमीन पर दीवार खड़ी करवाना शुरू कर दिया। पुलिस से निर्माण रुकवाया जा सका। इससे बौखलाकर दबंग परिवार के कहने पर पांच दिन पहले गांव के लोगों ने पंचायत बुलाई। इसमें तुलसा देवी पक्ष की सुनवाई नहीं हुई। उल्टा तुगलकी फरमान सुना दिया गया।

दुकान से नहीं कर सकते खरीदारी

Panchayat Boycott two families in Agra.

आरोप है कि पंचायत में फरमान सुनाया गया कि दोनों परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया जाए। दुकान से खाद्य सामग्री न दी जाए। नल और कुएं से पानी न भरने दें। बच्चों को किसी स्कूल में नहीं पढ़ने दें। खेतों को ट्यूबवेल से पानी नहीं दिया जाए।

अगर, कोई मदद करता है तो उस पर 1100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस कारण परिवार के लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। पूरे गांव ने उन्हें अलग कर दिया है। कोई मदद के लिए आगे नहीं आता है। खेत से भी लोग नहीं निकलने देते हैं।

एसओ कागारौल को सौंपी है जांच
गुरुवार की तड़के छुपकर पीड़ित परिवार के लोग गांव से बाहर निकल आए। इसके बाद एसएसपी आफिस पहुंचे। शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएसपी ने एसओ कागारौल को जांच के आदेश किए हैं। एसओ ने बताया कि मकान में वृद्ध दंपति रहते हैं। जमीन के मामले में पुलिस सीधे दखल नहीं दे सकती। मामले में तहसील की टीम से जांच कराई जाएगी।

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