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पति ने कर्ज देने से किया इनकार तो पंचायत ने पत्नी से मांगा 'यौन सुख'

Thu, 21 Jan 2016 12:27 PM IST
Updated Thu, 21 Jan 2016 12:27 PM IST
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Panchayat asks sexual favours from woman as hubby refuses to

महाराष्ट्र की एक जातीय पंचायत ने कर्ज चुकाने से मना करने पर एक व्यक्ति की पत्नी से यौन सुख की इच्छा जाहिर की। पंचायत ने यह इच्छा पति के कर्ज चुकाने से इनकार करने की वजह से जाहिर की।

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यह पूरा मामला महाराष्ट्र के परभानी जिले के मराठवाड़ा का है जहां गोंधाली समुदाय के दीपक भोरे ने पंचायत से लिया कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया। दीपक के इनकार के बाद पंचायत ने उसकी पत्नी से कर्ज वसूलने के नाम पर 'यौन सुख' की इच्छा जाहिर की।
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दोनों के मुताबिक उन्होंने जातीय पंचायत से दो साल पहले 90 हजार रुपये का कर्ज लिया था। जिसके बाद इन्होंने अब तक करीब 2.5 लाख रुपये का भुगतान पंचायत को कर दिया, लेकिन पंचायत उनसे कर्ज के तौर पर 6 लाख रुपये की मांग की जिसको देने से दीपक ने इनकार कर दिया।

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घर में घूसकर पत्नी से किया दुर्व्यवहार

Panchayat asks sexual favours from woman as hubby refuses to

दीपक के मामा ने सुभाष उगले के मुताबिक जब दीपक ने उनका कर्ज चुकाने से इनकार कर दिया तो पंचायत के सदस्य जबरदस्ती उसके घर में घूस गए और उसकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया। वे घर का सामान भी अपने साथ ले गए।

इतना ही नहीं उन्होंने घर के दरवाजे पर एक चप्पल भी टांग दिया जो इस बात की निशानी है कि उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। वहीं दीपक की पत्नी के मुताबिक 6 लाख रुपये नहीं चुकाने के एवज में पंचों ने उससे यौन सुख की मांग की।

उगले ने बताया कि पंचायत ने दीपक के रिश्तेदारों और परिवारीजनों को भी धमकी दी है कि अगर किसी ने उसकी मदद की तो उसका भी बहिष्कार कर दिया जाएगा।जिसके बाद उगले ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस) कार्यकर्ता कृष्णा चांदगुडे से संपर्क कर मदद मांगी।

समिति ने की मदद

Panchayat asks sexual favours from woman as hubby refuses to

चांदगुणे ने पहले पीड़ित दंपत्ति को पंचायत के खिलाफ बोलने पर राजी किया। इसके बाद जिला प्रशासन को भी इस मामले से अवगत कराया। चांदगुणे ने गोंधाली समुदाय के लोगों को यह समझाया कि पंचायत का यह फरमान गलत नियत से सुनाया गया है।

इसका परिणाम यह हुआ कि समुदाय ने पंचायत से सामाजिक बहिष्कार के फरमान को वापस लेने का दबाव बनाया जिसके बाद इस फरमान को वापस ले लिया गया।

हालांकि, पुलिस को इस मामले से अब तक अवगत नहीं कराया गया है और नहीं कोई रिपोर्ट ही दर्ज कराई गई है।

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